उरई। पॉलिथीन के बाद 15 अगस्त से थर्माकोल व प्लास्टिक गिलास की बिक्री पूर्णता प्रतिबंधित हो गई है। कई बार मांगों के बाद भी स्टाक खत्म करने की समय सीमा न बढ़ाने से व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त है। आक्रोशित व्यापारियों ने जिला प्लास्टिक एसोसिएशन के बैनर तले बंदी का एलान कर धरना प्रदर्शन किया। इसमें जिले के करीब 80 विक्रेताओं ने सहभागिता की। व्यापारियों ने मांग की कि उन्हें स्टाक खत्म करने के लिए समय दिया जाए।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने पहले ही पॉलिथीन को बंद कर दिया है। इसके साथ ही थर्माकोल थाली व प्लास्टिक गिलास के लिए 15 अगस्त तक का समय दिया था। तय समय निकलते ही जहां प्रशासन ने इन पर सख्ती दिखाना शुरू किया तो व्यापारियों ने भी अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। शुक्रवार को व्यापारियों ने अपनी अपनी दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया।
धरना सभा को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष महेश्वरी ने कहा कि थर्माकोल व प्लास्टिक गिलास के स्टाक को खत्म करने के लिए जो समय दिया गया है, वह बेहद कम है। सभी थर्माकोल व्यापारियों के पास स्टाक काफी मात्रा में होता है। इसके साथ ही इस माल की खपत सिर्फ सहालग के दौरान होती है। अभी सहालग न होने से व्यापारियों का स्टाक जैसे का तैसा रखा है।
अगर ऐसे में उन पर कार्रवाई की गई तो वह बर्बाद हो जाएंगे। उन्हें अपने स्टाक माल को बेचने व बाजार से पैसों की वसूली के लिए छह माह का समय दिया जाए। जिससे व्यापारी अपनी जीविका चला सकें। उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जाएगा। इस दौरान साजिद खान, राजकुमार गुप्ता, मोहन, अनूप पत्तल वाले, पप्पू, प्रमोद गुप्ता आदि व्यापारी उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो