अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। सदर कोतवाली में शनिवार को बदहवास हालत में पुलिस से न्याय मांगने पहुंची पीड़ित नाबालिग के मामले में कोतवाली पुलिस ने पूरी संवेदनहीनता का परिचय दे दिया। जिन दरिंदों से वह अपने को बचकर भागने और फिर कोतवाली आकर सहायता मांगने के लिए पहुंची थी। कोतवाली पुलिस ने उन्हीं के साथ आई राजस्थान पुलिस के सुपुर्द में उसे सौंप दिया। प्रत्यक्षदर्शी सूत्रों की माने तो पीड़ित नाबालिग बार-बार उक्त लोगों के साथ न भेजने की गुहार लगाती रही। पर कोतवाली पुलिस ने अपनी बला टालने के लिए उसकी गुहार सुनने में जरा भी दिलचस्पी नहीं दिखाई। ऐसे में जिनके चंगुल से बचकर निकली थी किशोरी फिर उन्हीं के चंगुल में जाकर फंस गई है।
सदर कोतवाली में शनिवार को बैठी नाबालिक किशोरी प्रियंका (15) ने बताया था कि उसकी मां ने उसे व उसकी छोटी बहन लक्ष्मी (14) को राजस्थान के भरतपुर जिले के ग्राम महगांम निवासी प्रेमपाल व गोविंद के हाथों छह लाख रुपये में नवंबर 2017 में बेच दिया था। जहां उक्त लोगों ने उसे जान से मारने का प्रयास किया था। वह किसी तरह से उनसे बचकर शनिवार को कोतवाली औरैया पहुंची है। उसने पुलिस से उक्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की गुहार भी लगाई थी लेकिन कोतवाली पुलिस ने इसे बला मानते हुए नाबालिग किशोरी से जानकारी करने के बाद राजस्थान के भरतपुर जिले के थाना उद्योग नगर पुलिस से संपर्क किया। जहां उसकी गुमशुदगी दर्ज की जानकारी कर पुलिस को किशोरी को ले जाने के लिए बोल दिया। वहीं सूचना के बाद राजस्थान पुलिस शनिवार देर रात प्रियंका के माता-पिता के साथ कोतवाली औरैया पहुंची। जहां रविवार की सुबह वह किशोरी प्रियंका को लेकर राजस्थान वापस चली गई। इस संबंध में सीओ सिटी वंदना सिंह ने बताया कि युवती शादीशुदा थी। उसकी गुमशुदगी ससुरालीजनों ने भरपुर के उद्योग नगर थाने में दर्ज कराई है। ऐसे में औरैया कोतवाली में कोई भी मामला दर्ज करने की जरूरत नहीं थी। वहीं किशोरी प्रियंका के माता-पिता की मौजूदगी में उसे राजस्थान पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। ऐसे में राजस्थान पुलिस ही उसे अपने यहां ले जाकर कोर्ट में पेश करेगी। वहां कोर्ट को जो भी आदेश होगा उसी के आधार पर वहां की पुलिस निर्णय लेगी।
इस संबंध में एसपी नागेश्वर सिंह ने बताया कि इस मामले की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। इस संबंध में अमर उजाला अखबार में छपी खबर से ही उन्हें जानकारी मिली है। मामला क्या है इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस से की जा रही है।
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नाबालिग पर नहीं दर्ज होता है मुकदमा
सूत्रों का कहना है कि राजस्थान पुलिस में जो नाबालिग किशोरी की गुमशुदगी दर्ज कराई गई है वह गलत है। नाबालिग होने पर मुकदमा दर्ज नहीं होता और गुमशुदगी कोई मुकदमा नहीं होती। वहीं कोतवाली पुलिस को नाबालिग की सुपुर्दगी देने से पहले उसको कोर्ट के सामने पेश करना चाहिए था। साथ ही उसके बयान के आधार पर ससुराली बताए जा रहे लोगों पर धारा 376 के तहत व नाबालिग पुत्रियों को बेचने वाली मां के खिलाफ 120 धारा के तहत मुकदमा दर्ज करना चाहिए था।
- बिना मजिस्ट्रेटी बयान के पुलिस ने किशोरी को माता-पिता को सौंपा
- छह लाख रुपये में छोटी बहन के साथ बेचने का माता-पिता पर लगाया था आरोप
- जिन्हें आरोपी बताती रही नाबालिग पीड़िता, वहीं पुलिस लेकर पहुंचे थे सुपुदर्गी लेने को