उरई। प्रदेश सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रभारी मंत्री जयकुमार जैकी की समीक्षा बैठक में अधिकारियों का होमवर्क दिखाई दिया। पानी, बिजली और सड़क के अलावा सिंचाई, कानून व्यवस्था व स्वास्थ्य सेवाओं का ऐसा लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया कि लग ही नहीं रहा था कि जिले में किसी सुविधा की कमी है। आखिर में गुब्बारों से सजे विकास भवन में हो रही बैठक में मंत्री ने जनपद के अधिकारियों से कहा कि वह पात्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर सरकार की मंशा पूरी करें। फिर प्रेसवार्ता में प्रदेश भर की उपलब्धियां भी पढ़कर गिनाई।
बैठक में सीएमएस अजय कुमार और सीएमओ अल्पना बरतरिया ने बताया कि जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं जनता को मिल रही है। इमरजेंसी सेवा के अलावा तमाम नए वार्डों की सुविधा भी प्रदेश सरकार ने शुरू की है। पीडब्ल्यूूडी के अधिकारियों ने बताया कि 435 कार्यों में 426 काम पूरे हो चुके हैं। कहीं-कहीं पर धन की कमी आ रही है। सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने का काम प्रगति पर है।
बारिश से पूर्व 15 जून तक सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे। इसी तरह बिजली विभाग के अधिकारियों ने भी बताया कि सरकार के रोस्टर के मुताबिक शहर और गांव को 24 व 20 घंटे बिजली मिल रही है, नए उपकेंद्र खोले जा रहे हैं। 24 घंटे के भीतर फुंके ट्रांसफार्मरों को बदला जा रहा है।
डीआईओएस और बीएसए ने शिक्षा विभाग की उपलब्धियां गिनाई तो वहीं एसपी अमरेंद्र प्रसाद ने बैंक लूट और जालौन में मूर्ति चोरी की घटनाओं के खुलासे की बात कही। मंत्री ने प्रेसवार्ता में प्रदेश सरकार के एक साल में किए गए कार्यों को गिनाने के अलावा कालपी को पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल कराने का आश्वासन दिया। बैठक में सांसद भानू प्रताप वर्मा, विधायक गौरीशंकर, नरेंद्र सिंह जादौन, मूलचंद्र निरंजन, डीएम मन्नान अख्तर, सीडीओ आदि अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार बदली तो अफसरों के सुर भी बदले
बैठक में कुछ अधिकारी ऐेसे भी थे, जो कि सपा शासन से एक ही कुर्सी पर हैं, सरकार बदली तो उनके सुर भी बैठक में बदले बदले नजर आ रहे थे।
भूल गए डायल कब हो गई यूपी 100
पुलिस अधिकारी भी बैठक के दौरान डायल 100 की प्रशंसा करते दिखे, जबकि डायल 100 भाजपा के शासन में यूपी 100 हो गई है, अधिकारी यह भी भूल गए।
गिनाए वारंटी, बताए चालान
कानून और यातायात व्यवस्था के नाम पर बैठक में सिर्फ पकड़े गए वारंटियों की संख्या और वाहनों के चालान के बारे में ही मंत्री को जानकारी उपलब्ध कराई गई।
नहीं सामने आई यह समस्याएं
बैठक के दौरान जिला अस्पताल में डाक्टरों की कमी, प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे न होना, ओवरलोडिंग, अवैध खनन, खस्ताहाल सड़कें, गोशाला की कमी, पेयजल संकट, बदहाल बिजली व्यवस्था आदि पर कोई चर्चा नहीं हुई।
प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में सवाल न जवाब पर कागजों पर दिखा सब चौकस
अमर उजाला ब्यूरो