पहली बार ईवीएम पर वीवीपैट
-1127 बूथों पर लगाई जाएंगी एमथ्री मॉडल की बीयू व सीयू मशीनें
-मतदान के दौरान वोटिंग मशीनों में आने वाली खराबी से बचने को नई ईवीएम का होगा उपयोग
अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। चुनावों के दौरान इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में आने वाली खराबी से बचने को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने इस बार एमथ्री मॉडल की बीयू व सीयू ईवीएम व वीवीपैट मशीनों का उपयोग किए जाने की व्यवस्था की है। इन मशीनों के माध्यम से जिले के लोकसभा क्षेत्र के मतदाता पहली बार मतदान करेंगे।
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से पूर्व के चुनावों में वोटिंग के दौरान वोटिंग मशीनों मेें आने वाली गड़बड़ी को देखते हुए इस बार हाईटेक व्यवस्था की गई है। इसके तहत मतदान के लिए नई ईवीएम मशीनों का प्रयोग किया जाएगा। लोकसभा क्षेत्र में बनाए गए 1127 बूथों पर चुनाव के लिए लगाई जाने वाली एमथ्री मॉडल की बीयू (बजर यूनिट) व सीयू (कंट्रोल यूनिट) ईवीएम व वीवीपैट (वोटर वेरीफाइड पेपर ट्रायल) मशीन के माध्यम से अपना मतदान जान सकेंगे। इसके लिए चुनाव आयोग की ओर से जिले को जरूरत के मुताबिक मशीनों की उपलब्धता कराई जा चुकी है।
इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में मतदान के दौरान इन मशीनों का पहली बार उपयोग किया जा रहा है। इसकी एफएलसी भी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि नई मशीनों के हिसाब से ही इस बार बूथों का निर्माण कराया गया है। बताया कि एक वीवीपैट मशीन की अधिकतम क्षमता 1400 वोट की होती है। बताया कि अब तक इन मशीनों का उपयोग विधान सभा चुनाव के दौरान बड़े शहरों में किया जा चुका है। जिसका परिणाम भी सकारात्मक देखने को मिले हैं।
एक नजर आकड़ों में
जिले में बूथ -1127
ईवीएम (सीयू) -1351
ईवीएम (बीयू) -1921
वीवीपैट -1466
वोट करने के सात सेकेंड में ही पता चल जाएगा किसको दिया है मत
औरैया। आधुनिक युग की आधुनिक वीवीपैट के उपयोग से मतदाताओं की भ्रांतियों को विराम लग सकेगा। यह एक छोटी सी मशीन होती है जो ईवीएम मशीन से कनेक्ट कर दी जाती है। इस मशीन के माध्यम से मतदान करने के तुरंत बाद एक छोटी पर्ची बाहर निकलती है। जिस पर मतदाता के द्वारा जिस पार्टी के पक्ष में मतदान किया गया होता है उसी का चुनाव निशान बनकर बाहर आ जाता है। यह पर्ची सात सेकेंड के बाद अपने आप ही अंदर चली जाती है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि एमथ्री मॉडल के नाम से जानी जाने वाली यह मशीन थर्ड जनरेशन की इलेक्ट्रानिक ईवीएम मशीन है। इस मशीन में लगाई जाने वाली चिप का प्रयोग केवल एक बार ही किया जा सकता है। इसके साफ्टवेयर को पूरी तरह से सुरक्षित किया गया है। इसको छेड़ने पर यह तत्काल बंद हो जाएगी। इसकी कोडिंग को न तो कोई डीकोड कर सकता है और न ही इसका दोबारा उपयोग किया जा सकता है।