मुहम्मदाबाद। खेतों में खड़ी फसलों की सिंचाई के लिए पानी न मिल पाने से फसलें सूखने लगी हैं। किसानों को फसलों से कुछ पैदावार होने की आशा टूट चुकी है। इससे डकोर क्षेत्र के किसानों ने खेतों में खड़ी फसलों को जानवरों से चरवाना शुरू कर दिया है।
इस वर्ष जनपद में पर्याप्त बारिश न होने व जल्दी गर्मी शुरू होने से खेतों में खड़ी फसलें सूख रही हैं। किसानों को नहरों व रजवहों से खेतों की सिंचाई के लिए पानी न मिलने से फसलों में कुछ पैदा होने की उम्मीद नहीं रह गई है। इसको लेकर किसानों ने फसलों को अन्ना जानवरों को चरने के लिए छोड़ना शुरू कर दिया है।
पिछले कई वर्षों से आपदा का कहर झेल रहे जिले के किसानों को अबकी भी फसलों से लागत भी निकलती नहीं दिखाई पड़ रही है, क्योंकि इस वर्ष बारिश भी नहीं हुई और नहरों व रजवाहों से भी किसानों को पर्याप्त पानी सिंचाई के लिए नहीं मिल पा रहा है। इससे न तो फसलें बढ़ ही पा रहीं और न ही उनमें दाना पड़ा।
जल्द ही तेज गर्मी पड़ने से खेतों में खड़ी फसलें सूखने लगी हैं। डकोर क्षेत्र के किसान रहूप खां, रामहेत, सुरेंद्र, अब्बू खां, राजकुमार, विकास, इंद्रपाल आदि ने अपनी फसलों को अन्ना जानवरों से चरवाना शुरू कर दिया है।
किसान गफ्फार खां कहते हैं पिछले कई वर्षों से बुंदेलखंड का किसान परेशान हैं।
इस वर्ष भी किसानों ने किसी तरह खाद बीज लेकर जुताई बुआई कराकर कुछ पैदावार होने का सपना संजोया था, पर बारिश न होने से और पानी न मिलने से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। खेतों में खड़ी फसलें पानी के अभाव में सूख रही हैं, जिससे किसानों की अब फसलें जानवरों से चरवाने की मजबूरी बन गई है।
किसान मदन राजपूत ने कहा कि किसानों को अबकी फसल से लागत का पैसा भी मिलता नहीं दिखाई पड़ रहा है। बारिश न होने से पहले बीहड़ क्षेत्र की ऊंची नीची खेती में ऐसा होता था, पर अबकी तो मैदानी इलाकों में ऐसे हालात बन गए हैं कि खेतों में खड़ी फसलें जानवरों को चरवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सिंचाई के लिए पानी न मिलने से किसान चिंतित
डकोर क्षेत्र के किसान पशुओं से चरवा रहे फसल
अमर उजाला ब्यूरो