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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की कैद

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औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह ने कोतवाली अजीतमल से नाबालिग को फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के दोषी को 10 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले का फैसला करीब साढ़े चार साल बाद आया है।
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मामले की अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर और मृदुल मिश्रा ने बताया कि वादी ने मुकदमा में बताया था कि 11 नवंबर 2017 को वह बिधूना आवश्यक कार्य से गया था। उसके लड़के दुकान पर चले गए थे।
उसकी 17 वर्षीय पुत्री बेटी और नाती घर पर थे। तभी आरोपी उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया। पुत्री अपने साथ बक्से में रखी अंगूठी और टॉप्स भी ले गई। इस मामले की रिपोर्ट कोतवाली अजीतमल में लिखी गई। विवेचना में पुलिस ने नामजदगी गलत पाई तथा अभियुक्त रतनेश कुमार उर्फ छुन्ना यादव का नाम प्रकाश में आने पर उसके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
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यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने अभियुक्त रत्नेश कुमार उर्फ छुन्ना यादव को नाबालिग को ले जाने और दुष्कर्म का दोषी माना।
कोर्ट ने 10 साल के कठोर कारावास व 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने जमा कराई गई अर्थदंड की धनराशि में से 50 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को चिकित्सीय व्ययों के पुनर्वास की पूर्ति के देने का भी आदेश दिया। अभियुक्त रत्नेश को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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