औरैया। साढ़े छह वर्ष पूर्व थाना एरवाकटरा क्षेत्र में एक किशोरी के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म के मामले में निर्णय सुनाते विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) मनराज सिंह ने दोषी विजय कुमार को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। उस पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी व विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि थाना एरवाकटरा में पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई। वादी ने लिखा कि वह पंजाब में मजदूरी करता है। उसकी पत्नी व बच्चे गांव में रहते हैं। पांच मई 2018 की देर रात उसकी 17 वर्षीय पुत्री बरामदे में सोई हुई थी। तभी रात्रि करीब 12 बजे उसके गांव का विजय कुमार जाटव आया तथा उसकी पुत्री के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। उसकी पुत्री के चिल्लाने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग निकला।
घटना की जानकारी पत्नी ने फोन पर वादी को दी थी। तब वह पीड़िता को लेकर थाने पहुंचा। वादी की तहरीर पर थाने में पॉक्सो व दुष्कर्म का मामला पंजीकृत हुआ तथा पुलिस ने विवेचना कर अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। यह मुकदमा विशेष न्यायालय (पॉक्सो अधिनियम) में चला।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो अधिनियम) ने इस जघन्य अपराध के दोषी को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश मनराज सिंह ने गुरुवार को निर्णय सुनाते हुए दोषी विजय कुमार निवासी भैदपुर एरवाकटरा को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी।