फोटो-14- डॉ. अमित कुमार। स्रोत:स्वयं
औरैया। चिचौली मेडिकल कॉलेज में दिनों दिन शल्य चिकित्सा में बढ़ोतरी हो रही है। खास तौर पर ईएनटी विभाग में मरीजों के ऑपरेशन बढ़ गए हैं। रोजाना 10 मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
पिछले छह माह के अंदर मेडिकल कॉलेज में यह तब्दीली आई है। नाक, कान व गले से जुड़े मरीजों को अब उपचार के लिए कानपुर व सैफई के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
चिचौली मेडिकल कॉलेज के नाक कान गला विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार ने बताया कि कान व नाक से जुड़ी समस्याओं के मामले खूब सामने आ रहे हैं। इसमें कान बहने की समस्या को ऑपरेशन से दूर किया जा रहा है। नाक में एलर्जी, साइनस की समस्या, नाक की हड्डी का तिरछा होना, नाक बहना, सांस लेने में दिक्कत, नाक से खून आना, सिर दर्द, चेहरे में भारीपन, बार-बार छींक आना आदि समस्याएं रोजाना ओपीडी में आ रही हैं। इन मरीजों की पहले जांच कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि दवा से राहत न मिलने पर मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। रोजाना 10 मरीजों के ऑपरेशन हो रहे हैं। जिन मरीजों के गले में छाले होते हैं, दवा के सेवन से भी आराम नहीं मिलता है। ऐसे छाले में कैंसर की संभावना रहती है। एक माह के अंदर चार मरीज इस तरह के सामने आए हैं। जिनके छालों को ऑपरेशन से दूर कराया गया है। यदि समय से जांच न होती तो कैंसर धीरे-धीरे बढ़ जाता।