औरैया। जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत हुई 12 संदिग्धों की जांच में एक कुष्ठ रोगी मिला है।
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. सुधांशु कुमार दीक्षित ने बताया कि बुधवार को जिले के सातों ब्लाकों में कुष्ठ रोगी खोजने के लिए अभियान शुरू किया गया। शहर में अभियान के दौरान 12 संदिग्ध मिले। जांच में एक कुष्ठ रोगी मिला है। बताया कि इस रोगी का उपचार शुरू कर दिया गया है। दीवार लेखन, नुक्कड़ नाटक, क्विज प्रतियोगिता से लोगों को रोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की पहचान करेंगे। कुष्ठ रोगी को पीएचसी और सीएचसी पर एमडीटी दवा दी जाएगी। शहर में टीम में डॉ. विशाल अग्निहोत्री, डॉ. अनूप कुमार, ज्ञान सिंह आदि मौजूद रहे।
रोग और उसके लक्षण
कुष्ठ संक्रामक रोग है। ये माइकोबैक्टीरियम लेप्री बैक्टीरिया के कारण होता है। संक्रमण रोगी की त्वचा को प्रभावित करता है तथा तंत्रिकाओं को नष्ट कर देता है। ये रोग आंख और नाक में समस्याएं पैदा कर सकता है। त्वचा पर थोड़े लाल, गहरे या हल्के धब्बे होना। ये धब्बे सुन्न हो सकते हैं तथा बालों के झड़ने की समस्या भी पैदा कर सकते हैं। अंगुली का सुन्न होना, चेहरे या आंख में सूजन आना। आंख की पलकों के झपकने में कमी भी इसके लक्षण हैं।