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Atiq Ashraf Murder: जिस बैरक में थे राजा भैया, अब वहीं रखे गए अतीक-अशरफ को मारने वाले शूटर, जानें क्या है खास

Mon, 24 Apr 2023 12:32 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

माफिया अतीक और अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटर प्रतापगढ़ स्थित जिला जेल में विधायक राजा भैया की बैरक 121-1 में पहुंच गए हैं। जेल परिसर में सरकारी के अलावा दूसरे वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। 
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Atiq Ashraf Murder Case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बसपा सरकार में कार्रवाई के दौरान जिला कारागार के जिस बैरक में कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया को रखा गया था, उसी 121-1 बैरक में रविवार को जेल पहुंचे माफिया अतीक ब्रदर्स के तीनों हत्यारोपियों को रखा गया है। उनकी सुरक्षा के लिए हर स्तर पर जेल प्रशासन व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है।
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माफिया अतीक व अशरफ के हत्यारोपी अरुण, लवलेश व सनी को जिला कारागार में पुलिस रिमांड के बाद कड़ी सुरक्षा में लाया गया। सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के दौरान जेल में निरुद्ध राजा भैया को पुरानी अस्पताल के 121-1 बैरक में रखा गया था। इस बैरक को सुरक्षित मानते हुए जेल प्रशासन ने तीनों को यहीं रखा है, दूसरे बंदी इससे काफी दूर रहते हैं। 

सुरक्षा के लिहाज से जेल परिसर के मुख्य गेट के अलावा अन्य रास्तों पर बैरियर लगाकर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। इसके लिए एक दरोगा संग दस पुलिसकर्मी अतिरिक्त लगाए गए हैं। सरकारी वाहनों की छानबीन के बाद ही जेल के भीतर प्रवेश दिया जाएगा।
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दूसरे वाहनों को तिराहे से भी दूर रखा जाएगा। आतंकी हमले की धमकी के बाद आरोपियों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन नए सिरे से व्यवस्था कर रहा है।

दस मिनट तक क्रासिंग पर रुकी रही प्रिजन वैन
कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों हत्यारोपियों को लेकर जा रही प्रिजन वैन जेल रोड क्रासिंग पर पहुंची। उनके पहुंचने से पहले ही क्रासिंग बंद हो चुकी थी। जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल व अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी विद्यासागर मिश्रा दूसरे वाहनों को बगल कराते हुए वैन के पास पहुंचे। हालांकि दस मिनट में ही क्रासिंग खुल गई। जिसके बाद तीनों आरोपियों को जेल के भीतर ले जाया गया।

कड़ी सुरक्षा के बीच माफिया अतीक-अशरफ के तीनों हत्यारोपी पहुंचे जेल
आपको बता दें कि माफिया अतीक-अशरफ हत्याकांड के शूटर लवलेश तिवारी, अरुण मौर्या व सनी सिंह को प्रयागराज की कमिश्नरेट पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार दोपहर जिला कारागार में दाखिल किया। 11 वाहनों से पुलिसकर्मी तीनों आरोपियों को दो प्रिजन वैन से लेकर आए। जेल के पहले से लेकर तीसरे गेट तक पीएसी के साथ ही कुल 100 पुलिसकर्मी, दरोगा व स्वाट टीम के सिपाहियों की तैनाती थी।

 

माफिया अतीक-अशरफ हत्याकांड के शूटरों को लेकर प्रयागराज पुलिस रामवनगमन मार्ग से प्रतापगढ़ कारागार पहुंची थी। शूटरों की प्रिजन वैन व प्रयागराज पुलिस को स्कोर्ट करने में सीओ सदर, सिटी, देल्हूपुर, मानधाता, नगर कोतवाली, ट्रैफिक पुलिस व एसओजी के कुल 11 वाहन लगाए गए थे।

 

इस दौरान बाघराय, जेठवारा, लीलापुर व नगर कोतवाली पुलिस भी अलर्ट रही। जेल परिसर के बाहर चौबीस घंटे पीएसी के दो दर्जन जवान कैंप कर रहे हैं। मुलाकात काउंटर से लेकर विश्राम सभागार के आसपास सिपाहियों की तैनाती है। गैंगवार की आशंका को देख जेल के भीतर भी पर्याप्त बंदीरक्षक, सिपाही, डिप्टी जेलर को तैनात किया गया है।

 

जेल मैनुअल के तहत हत्यारोपियों को सुविधाएं दी जाएंगी-डिप्टी जेलर
सूत्रों के अनुसार जेल के भीतर तीनों हत्यारोपियों को तनहाई बैरक में रखा गया है। उनके ऊपर 24 घंटे नजर रखने के लिए पांच सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उनकी बैरकों की ओर दूसरे बंदियों के आने जाने पर पाबंदी लगाई गई है। डिप्टी जेलर राजेश पांडेय ने बताया कि जेल मैनुअल के तहत हत्यारोपियों को सुविधाएं दी जाएंगी। सुरक्षा के लिए अलग से बंदी रक्षक लगाए गए हैं।
 

मुलाकात के नियम में बदलाव
जेल में बंद अब बंदियों को सप्ताह में दो दिन ही परिजनों से मुलाकात करने का मौका मिलेगा। आपात व्यवस्था में बंदियों को उनके घर के मोबाइल नंबर से जेल प्रशासन बात कराएगा। जेल में माफिया अतीक-अशरफ हत्याकांड के शूटरों की एंट्री से अन्य बंदियों को परेशानी होगी। मुलाकात करने वाले लोगों के सामान को अब दूसरे व तीसरे गेट पर टटोला जाएगा। किसी प्रकार से बाहरी खाद्य वस्तुओं को जेल के भीतर नहीं भेजा जाएगा। शूटरों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर जेल के उच्च अधिकारियों ने सभी प्रक्रिया को गोपनीय तरीके से पूरा कराने की हिदायत दी है। रविवार की सुबह से ही पुलिस बल की तैनाती जेल के बाहर कर दी गई थी।
 

कंट्रोल रूम से शूटरों की होगी निगहबानी
माफिया अतीक व अशरफ के हत्यारोपियों पर नजर रखने के लिए लगाए गए सीसीटीवी को लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। ताकि 24 घंटे शूटर उनकी निगरानी में रहें। जेल के अधिकारी भी लगातार उन पर नजर रखेंगे।
 
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जब पुलिसकर्मी हुए हलाकान, तब एसपी ने संभाली कमान
माफिया अतीक व उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटरों को लेकर प्रिजन वैन से पुलिसकर्मी जिला कारागार पहुंचने वाले थे। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी दलबल के साथ जेल तिराहे पर मौजूद थे। इस दौरान जेल की ओर जाने वाले रूट पर स्थित कुछ दुकानों पर मौजूद भीड़ को हटा दिया गया। कुछ दुकानों को बंद भी कराया गया। इस बीच जेल रोड क्राॅसिंग बंद होने की सूचना पर सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी हलाकान हुए। हालांकि क्राॅसिंग वाहनों के पहुंचने पर खुल चुकी थी। प्रिजन वैन में पर्दे लगे थे ताकि शूटरों को कोई देख न सके। जेल के भीतर तीनों के दाखिल होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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