मतदाताओं के दिल की बात पढ़ने से पहले एक छोटी सी झलक चुनाव समर भूमि की। आगरा की सभी 9 सीटों पर केसरिया परचम फहराया था। फिरोजाबाद की पांच सीटों में से महज एक सिरसागंज सपा जीत पाई थी, बाकी जगहों पर भाजपा ही जीती। मथुरा की पांच सीटों में से सिर्फ मांट में बसपा जीती, बाकी पर भाजपा ने ही कब्जा कर लिया था। जाहिर है भाजपा के सामने अपना प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। तो सपा-रालोद गठबंधन, बसपा और कांग्रेस के दमखम का भी इम्तिहान होगा।
आगरा छावनी : मेट्रो छोड़ डबल इंजन सरकार से कुछ नहीं मिला
ताज के पास पूर्वी गेट पार्किंग शिल्पग्राम के बाहर चाय की दुकान पर बैठे गौरव चौहान कहते हैं कि आगरा के हिस्से केवल मेट्रो आई। पर्यटन के विकास के लिए कोई काम नहीं किया गया। उनकी हां में हां मिलाते हैं राहुल चतुर्वेदी। वह कहते हैं कि कोरोना काल में पर्यटन से जुड़े चार लाख लोगों को मदद की जरूरत थी, लेकिन न बिजली बिल माफ किया और न गृहकर। बंद होटलों का बिल देने के लिए लोगों को ज्वैलरी बेचनी पड़ी। संजीव जैन, नंदू गुप्ता कहते हैं कि आगरा की उपेक्षा इन चार सालों में जितनी हुई, उतनी कभी नहीं हुई। योगी सरकार के पर्यटन मंत्री को आगरा में किसी ने देखा तक नहीं। न म्यूजियम के लिए पैसा दिया, न ओरिएंटेशन सेंटर के लिए। रिवर फ्रंट सिर्फ घोषणा बनकर रह गई।
आगरा दक्षिण : एसएन मेडिकल कॉलेज को एम्स बनाने का वादा अधूरा
केदारनगर में मोमोज की स्टाल पर बैठे विकास श्रीवास्तव कहते हैं कि पिछले चुनाव में घर-घर गंगाजल और सीवर कनेक्शन का वादा किया गया था, लेकिन घरों में न गंगाजल पहुंचा, ना ही सीवर लाइन जुड़ पाई है। हर गली हर सड़क खोदकर छोड़ दी है। पांच साल पहले और अब की सड़कों में बड़ा फर्क है। दुकानदार मुन्नालाल कहते हैं कि एसएन मेडिकल कॉलेज को एम्स बनाने का वादा आज भी अधूरा है। कोठी मीना बाजार में शिवाजी महाराज की प्रतिमा और भव्य स्मारक बनाया जाना था, लेकिन नहीं बन सका।
आगरा उत्तर : बड़ा सवाल यही, अग्रवाल या खंडेलवाल
चुनाव से पहले यहां अग्रवाल बनाम खंडेलवाल का विवाद गहरा गया है। अग्रवाल समाज भाजपा से अग्रवाल प्रत्याशी को ही उतारने की मांग कर रहा है। कमलानगर के श्रीराम चौक पर पान की दुकान पर सतेंद्र अग्रवाल कहते हैं कि क्षेत्र का विकास हुआ है, लेकिन व्यापारियों को राजनीति में अपनी भागीदारी चाहिए। अग्रवाल प्रत्याशी उतारना होगा। वहीं, प्रदीप डम्बला का कहना है कि कमला नगर का विकास मेयर के चलते हुआ है, विधायक के कारण नहीं। सचिन चतुर्वेदी के मुताबिक कमलानगर में थाना बन गया, पर व्यापारियों की सुरक्षा अब भी भगवान भरोसे है।
एत्मादपुर : मुफ्त राशन की खुशी, महंगाई और छुट्टा पशुओं से रोष
एत्मादपुर के सवाई गांव में मिले जनक सिंह, सूरज जादौन, हरिमोहन प्रजापति कहते हैं कि मुफ्त राशन ने लोगों को राहत दी है। वहीं, सुमित सेन, टेक चंद्र और प्रेमप्रकाश कहते हैं कि महंगाई बहुत बढ़ गई है। छुट्टा पशुओं से खेती बर्बाद हो रही है। किसान, ग्रामीण परेशान हैं। स्टेशन रोड पर मिले माधवेन्द्र नाथ सिंह, राधा मोहन, संदीप कहते हैं कि कानून-व्यवस्था दुरुस्त हुई है। सम्मान निधि से किसानों को मदद मिली है। वहीं, अजीम, हाविद ने कहा कि महंगाई से लोग परेशान हैं।
खेरागढ़ : खेती और किसान की जो करेगा बात, उसी का देंगे साथ
खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव भिलावली मेें दोपहर करीब तीन बजे कुछ ग्रामीण चुनावी चर्चा में मशगूल नजर आए। रूपकिशोर कहते हैं, सबसे ज्यादा किसान परेशान हैं। छुट्टा जानवरों ने पूरी दिनचर्या ही बदलकर रख दी है। इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। बाड़ लगाने, दिन-रात रखवाली के बाद भी फसलें नहीं बच रही हैं। खेती और किसानों के हित की जो बात करेगा, किसान व ग्रामीण उसका ही समर्थन करेंगे। मथुरा प्रसाद कहते हैं कि काम तो सभी सरकारें करती हैं, किसी का ज्यादा दिखता है और किसी का कम। वहीं, हरिओम शुक्ला कहते हैं कि नेता तो साफ छवि का होना चाहिए।
बाह : गइयन ने मारि डारौ
बाह में सर्द मौसम में खेती के साथ धूप सेंकते हुए चुनावी चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। चौरंगाहार (बाह) गांव की चौपाल पर किसान बैठे दिखे। चर्चा छेड़ते ही कहने लगे, गइयन ने किसान मारि डारौ, ठंड-कोहरो देखे बिना खेत रखाये, तोऊ आलू, सरसों, गेहूं के खेत उजाड़ के धरि दये। चौपाल में मुंशी सिंह ने कहा कि साल भर ते गोशाला कौ हल्ला मचौ है, बनि ना पाई, सरकार गोशाला कौ इंतजाम करें, नहीं तौ किसान मिट जागौ। श्रीकृष्ण, रघुनाथ, राम बिलास सिंह, भारत सिंह, लक्ष्मी नारायन, भूप सिंह, धीर सिंह, गोविंद सिंह सरकार से गोशाला बनाने की गुहार लगाते हैं।
फतेहपुर सीकरी : मांग रहे महंगाई और घुमंतू पशुओं से निजात
ग्राम दूरा में एक स्थान पर जुटे महावीर सिंह, गिरराज सिंह, अजीत कुमार, हरीश कुमार, कृष्ण पाल सिंह, रामेश्वर सिंह, वजीर खान, अमरजीत कहते हैं कि महंगाई ने सभी को परेशान कर रखा है। ग्राम नगला दधिराम मेंें गुलाब बघेल, नरोत्तम शर्मा, विक्रम सिंह, अवधेश शर्मा, रामेंद्र शर्मा, भूपेंद्र सिंह अलाव तापते मिले। इनमें से कुछ लोगों ने मौजूदा सरकार को अच्छा बताया तो कुछ लोग बिजली, पानी की समस्या पर बहस करने लगे।
फतेहाबाद : खाद और बिजली मिले
गांव बादशाह की मड़ैया में बैठे किसानों के बीच ऐसी ही चर्चा होती दिखी। कोई महंगाई बढ़ने से आ रही परेशानी का जिक्र कर रहा था, तो कोई खाद की किल्लत को बयां कर रहा था। निबोहरा गांव के प्रेम सिंह ने कहा कि रसोई गैस से लेकर पेट्रोल-डीजल तक महंगाई की मार है।
आगरा देहात : रोजगार और पानी की दिक्कत
धनौली रोड पर चाय की दुकान पर मिले संजय रावत ने कहा, जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आएगा माहौल बदलेगा। बरारा के मोहन पाल सिंह का कहना की दो साल तो कोरोना के कारण बर्बाद हो गए। इस बार रोजगार और पानी की समस्या जैसे मुद्दों पर लोग गंभीर हैं। नगला कली के देवेंद्र का कहना है कि आवारा पशुओं की समस्या हल नहीं हुई, खाद की समस्या लंबे समय तक बनी रही।