गजरौला(अमरोहा)। थानाक्षेत्र के पखरौला हाशमपुर गांव में पुरानी रंजिश को लेकर अनुसूचित जाति के संजय (35) की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। परिजनों ने दूसरे समुदाय के पांच लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
संजय खेती के साथ मजदूरी करते थे। गांव के इमरान से उनकी रंजिश थी। आरोप है कि शनिवार शाम इमरान साथियों के साथ संजय के घर पहुंचा और लाठी-डंडों से मारपीट कर दी। गंभीर घायल संजय को परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रविवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
सूचना पर इंस्पेक्टर मनोज कुमार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों से जानकारी ली। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। सीओ अंजलि कटारिया ने बताया कि युवक की हत्या हुई है। मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
एक साल पुरानी रंजिश में हुई थी संजय की हत्या
युवक संजय की पीटकर हत्या के पीछे एक साल से चली आ रही रंजिश को वजह माना जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब एक साल पहले संजय की बेटी को गांव का मुखत्यार बहलाकर ले गया था। मामले में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी और पुलिस ने बेटी को बरामद कर लिया था। हालांकि युवती ने आरोपी के खिलाफ बयान नहीं दिए, जिसके बाद पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद से ही रंजिश चल रही थी। पखरौला हाशमपुर निवासी संजय की हत्या के मामले में पत्नी सुमन देवी की तहरीर पर पुलिस ने जांच की। गांव जाकर रंजिश की वजह की जानकारी जुटाई गई, जिसमें पुराना मामला सामने आया।
ग्राम प्रधान पर मामला रफा-दफा कराने का आरोप
आरोप है कि लाठी-डंडे और सरिये से हमले में घायल संजय को बेहतर उपचार दिलाने के बजाय ग्राम प्रधान ने गांव में ही मामला रफा-दफा करा दिया। पीड़ित परिवार पर पुलिस कार्रवाई न करने का दबाव बनाया गया और कार्रवाई न कराने के लिए हस्ताक्षर भी करा लिए गए। आरोप है कि उस समय संजय जिंदगी-मौत से जूझ रहा था, लेकिन उसे बेहतर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया।