नौगावां सादात थाना पुलिस ने मंगलवार रात कौराल गांव में छापा मारकर एमसीए के छात्र को उसके घर में नकली नोट बनाते गिरफ्तार कर लिया। इसके पास से बड़ी संख्या में बने व अधबने नकली नोट, दो कलर प्रिंटर, लैपटॉप बरामद किए। बुधवार एसपी ने मीडियाकर्मियों के सामने घटना का खुलासा किया।
नौगावां सादात थानाध्यक्ष उपेंद्र सिंह यादव को मंगलवार की रात मुखबिर से सूचना मिली कि क्षेत्र के कौराल गांव में एक युवक नकली नोट बना रहा है। सूचना पर एसओ ने थाना पुलिस के साथ कौराल गांव में शिवराज सिंह जाटव के घर छापा मारा।
आरोप है यहां नकली नोट बनाने में लगा शिवराज सिंह का बेटा सोनू राव पुलिस को देख भागने लगा, पर पुलिस ने उसे दबोच लिया। मौके से पुलिस ने सौ-सौ के 189 नोट बने हुए, पांच-पांच सौ के दस तथा सौ-सौ के 21 नोट अधबने बरामद किए। स्टांप पेपर, सीट सफेद कागज, कलर की बोतल, लैपटॉप, कीबोर्ड, यूपीएस, कलर प्रिंटर, कलर प्रिंटर पैन ड्राईव बरामद किए।
आरोपी को गिरफ्तार कर रिपोर्ट दर्ज की गई। बुधवार दोपहर डेढ़ बजे पुलिस कार्यालय सभागार में पुलिस अधीक्षक डा.शिवा शिंपी चनप्पा व अपर पुलिस अधीक्षक उदय शंकर सिंह ने मीडियाकर्मियों के सामने नकली नोट बनाने वाले युवक को पेश कर घटना का खुलासा किया। युवक के नकली नोट बनाने में धरे गए युवक के चेहरे पर शिकन नहीं थी, बल्कि वह मुस्करा रहा था। एसपी ने पकड़ने वाली टीम की पीठ थपथपाई।
कम सेलरी से दुखी थ्ाा जालसाजी की राह पकड़ी
कौराल गांव निवासी शिवराज सिंह जाटव की गिनती गांव में संपन्न घरों में की जाती है। उन्होंने नकली नोट बनाते पकड़े गए सोनू राव को अच्छी शिक्षा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मुुरादाबाद के एक कॉलेज से एमसीए कोर्स कराया। इसके अलावा एमसीए उत्तीर्ण भी है।
एमसीए करने के बाद वह दिल्ली नौकरी करने चला गया। एक कंपनी में नौकरी की, पर कंपनी से मिलने वाले वेतन से संतुष्ट नहीं हुआ। रातों रात मालदार होने के लालच में वह नकली नोट बनाने के गोरखधंधे में उतर गया। दस दिन पहले ही वह दिल्ली से कौराल अपने घर आया था। रातों रात मालदार होने के लालच ने उसे जेल के सीखचों तक पहुंचा दिया।
शराब के ठेके पर की थी नोट चलाने की कोशिश
नौगावां सादात थाना पुलिस ने जिस एमसीए उत्तीर्ण छात्र सोनू राव को नकली नोट बनाने के आरोप में पकड़ा है, वह काफी समय से नोट बनाने में लिप्त बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार शुरू में उसने थोड़े-थोड़े नोट बनाकर आसपास की दुकानों, साप्ताहिक बाजारों में खपाए।
जैसे जैसे नोट खपते गए, उसने नकली नोट बनाने का कारोबार बढ़ा दिया। बताते हैं कि पांच दिन पूर्व वह शराब के ठेके पर पांच सौ का नकली नोट लेकर गया था। ठेके के सेल्समैन ने नोट की पहचान कर ली थी। जिसके बाद वह पुलिस की नजरों में आ गया। यहीं उसके नक्षत्र विपरीत होने लगे थे।