डिडौली के किशोर और युवक का जम्मू-कश्मीर के सांबा स्थित कंपनी मालिक अपहरण कर ले गया। दोनों को बंधक बना लिया। पांच लाख की फिरौती मांगी है। कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ितों के परिजनों ने अपर पुलिस अधीक्षक से मिल कर कार्रवाई की मांग की।
कोतवाली डिडौली गांव के लोगों को साथ लेकर अपर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह से मिले ठेकेदार तनाजुल ने कहा कि उस पर जम्मू-कश्मीर की सांबा स्थित एक इंडस्ट्री का ठेका था। गांव का अर्जुन इसमें लेबर का काम करता था। पड़ोसी कंपनी मालिक खातिब हुसैन उर्फ बिट्टू ने तनाजुल से अपनी कंपनी में काम करने को कहा था।
दस दिन पूर्व तनाजुल और लेबर घर आ गए। खातिब ने तनाजुल को फोन कर लेबर भेजने को कहा। इसके बाद छह जनवरी की दोपहर फिर फोन आया। फोन पर जान से मारने की धमकी और झूठे मामलों में फंसा देने की धमकी दी। इसके बाद खातिब गाड़ी लेकर जोया आ गया। यहां तनाजुल का बेटा जावेद उर्फ गुड्डू और अर्जुन ठाकुर मिल गए। जान पहचान होने के कारण गाड़ी में बैठ गए।
नशा सुंघाकर दोनों को बेहोश कर अपहरण कर जम्मू कश्मीर ले गए। सात जनवरी को अर्जुन के ससुर को फोन कर कहा कि हमने तुम्हारे दामाद और एक किशोर का अपहरण कर लिया है। कोतवाली गए, लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी। अपहरणकर्ता छोड़ने के एवज में पांच लाख की फिरौती मांग रहे हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने डिडौली कोतवाल को पीड़ितों के साथ दरोगा भेज कर दोनों को मुक्त कराने के निर्देश दिए।