अमरोहा। जोया सीएचसी में पिछले 14 महीनों से एक्सरे सुविधा ठप होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को जांच के लिए जिला अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
वहीं, दो साल से नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से आंखों के मरीज भी परेशान हैं। इससे जिला अस्पताल पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई बार शासन को पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
सीएचसी हाईवे किनारे होने की वजह से ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि कभी-कभी दुर्घटना होने पर फौरी तौर पर अस्पताल में ही मरीज को भर्ती कराया जाता है लेकिन सबसे अस्पताल में कई बुनियादी चीजों की कमी है। इसके अलावा सामान्य मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिला अस्पताल से मात्र पांच किलोमीटर की दूरी पर बने अस्पताल में पिछले 14 माह से एक्सरे टेक्नीशियन नहीं है। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनको एक्सरे के लिए जिला अस्पताल आना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों में महंगे दाम पर कराना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों का नुकसान हो रहा है।
सीएचसी में दो चिकित्सकों की भी जगह खाली चल रही हैं। इससे भी मरीजों को दिक्कत होती है। सीएचसी में नेत्र चिकित्सक एके सक्सेना को रिटायर हुए लगभग दो साल बीत चुके हैं लेकिन अभी तक उस जगह पर किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई है। इसलिए मरीज इधर-उधर भटकते रहते हैं। कुछ मरीज जिला अस्पताल पहुंच जाते हैं और कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल के चक्कर काटते हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उवैस ने बताया कि बीच में टीबी को लेकर अभियान चला, तब तीन माह के लिए एक्सरे हुए, लेकिन अब फिर पांच-छह माह से बंद हैं। नेत्र चिकित्सक भी नहीं है। कई बार पत्राचार किया जा चुका है। लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं हो सका है।