चंदौसी। लक्ष्मणगंज में मिली बावड़ी की खोदाई का कार्य कई दिन से बंद है। रविवार को न तो खोदाई कार्य किया गया और न ही मलबा उठाया गया। हालांकि बावड़ी की सुरक्षा को एहतियातन पुलिस और पीएसी तैनात रही। वहीं, जयपुर से आए सेवानिवृत अधिकारी विष्णु दत्त शर्मा ने डीएम कार्यालय के कर्मचारी के साथ बावड़ी का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह शहर की गोशालाओं का भ्रमण करने आए थे। उनकी मंशा है कि यहां गाय के गोबर से मूर्तियां बनाने का प्लांट लगे तो लोगों को रोजगार के अवसर भी प्रदान होंगे। बता दें कि सनातन सेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख कौशल किशोर वंदेमातरम् ने 21 दिसंबर को तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम राजेंद्र पैंसिया को प्रार्थनापत्र दिया था। प्रार्थनापत्र के माध्यम से मोहल्ला लक्ष्मणगंज में खाली प्लाट में ऐतिहासिक धरोहर बावड़ी होने का दावा किया था। डीएम ने उसी दिन टीम भेज कर खोदाई कराई तो बावड़ी का अस्तित्व सामने आने लगा। बावड़ी को अस्तित्व में लाने के लिए नगर पालिका की टीम द्वारा गलियारों से मलबा उठाने का कार्य किया जा रहा था। जबकि खोदाई का कार्य पिछले चार दिन से बंद है। रविवार को पालिका की मजदूर मलबा उठाने के लिए भी नहीं पहुंचे। जबकि सुबह से पुलिस और पीएसी तैनात रही।
वहीं दोपहर में डीएम कार्यालय के कर्मचारी अजय कुमार के साथ जयपुर से सेवानिवृत अधिकारी विष्णु दत्त शर्मा बावड़ी को देखने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह चंदौसी की गोशालाओं को देखने आए थे। जयपुर में गाय के गोबर से मूर्तियां बनाने का प्लांट है। इसी तरह का प्लांट जिला संभल में स्थापित कराने चाहते हैं। जिससे गोबर का यूज भी हो जाएगा और लोगों को रोजगार के अवसर भी प्रदान होंगे। इस दौरान हिंदू नेता मन्तेश वार्ष्णेय भी थे।
सुबह के समय डीएम और एसपी ने किया बावड़ी का निरीक्षण
डीएम राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने रविवार की सुबह करीब आठ बजे बावड़ी स्थल पहुंच कर निरीक्षण किया। बावड़ी में उतर कर अब तक की गई खोदाई और भवन के बारे में जानकारी की। करीब पंद्रह मिनट के निरीक्षण के बाद लौट गए। इस दौरान यहां पुलिस बल तैनात रहा। तहसीलदार धीरेंद्र सिंह भी थे।