चंदौसी। शीत लहर का प्रकोप जारी है। जनजीवन अस्त व्यस्त है। पांच-सात दिन से सुबह और देर शाम से रात तक पारा काफी नीचे आ गया है। लोग ठंड से बचने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। फिर भी नगर पालिका शहरवासियों व राहगीरों के लिए अलाव की मुकम्मल व्यवस्था तक नहीं कर पाई है। कुछ जगहों पर दुकानदार व राहगीर कूड़ा करकट व लकड़ी के अलावा बेकार पड़े टायरों का इस्तेमाल कर अलाव जला रहे हैं। वहीं, चुनिंदा जगह पर अलाव जलाकर पालिका खानापूर्ति रही है।
चार-पांच दिनों से कोहरे और ठंड से जनजीवन प्रभावित हो गया है। ठंड के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। जरूरतमंद लोग ही घर से निकल रहे हैं। शुक्रवार को भी सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए और शीत लहर चलती रही। धूप नहीं निकलने और शीत लहर के चलते दिनभर ठिठुरन रही। इस कारण लोगों को दिन में भी अलाव का सहारा लेना पड़ा। हर साल सर्दियों में नगर पालिका की तरफ से मुख्य बाजारों व वार्डों में अलाव की व्यवस्था की जाती है। इसमें मुख्य चौराहों, गरीब बस्तियों, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर अलाव के लिए लकड़ी दी जाती है। जिससे स्थानीय निवासी, राहगीरों के साथ-साथ दुकानदार भी ठंड से बचाव कर सकें।
शुक्रवार की शाम छह बजे तक पालिका की ओर से अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई। रेलवे स्टेशन के बाहर, मालगोदाम रोड आंबेडकर पार्क समेत रोडवेज पर यात्री ठिठुरते हुए सवारी गाड़ी का इंतजार करते दिखे। यहां कोई अलाव की व्यवस्था नहीं थी। वहीं, लोग प्लास्टिक व बेकार पड़े टायर आदि जला कर ठंड से राहत पाने का प्रयास करते दिखे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पालिका की ओर से अलाव के लिए लकड़ी कभी डाली जाती है तो कभी नहीं डाली जाती। अलाव न जलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।