उसने चलती ट्रेन में एक बेटी को जन्म दिया। यात्रियों द्वारा मामले की जानकारी रेलवे विभाग के अधिकारी और आरपीएफ कर्मियों को दी गई। सूचना मिलते ही दरोगा नरेंद्र पाल शर्मा, स्टेशन मास्टर रामप्रसाद मीणा ने एंबुलेंस को फोन कर स्टेशन पर बुला लिया। करीब पांच बजकर पांच मिनट पर जैसे ही ट्रेन अमरोहा रेलवे स्टेशन पर पहुंची। तभी सविता, उसकी नवजात बच्ची और दो साल के बच्चे समेत सामान को उतार कर एंबुलेंस तक पहुंचा गया।
बाद में महिला को अमरोहा नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। इस दौरान आरपीएफ कर्मियों ने महिला से फोन नंबर लेकर उसके पति को जानकारी दी। इसके बाद सविता के परिजन दिल्ली आनंद विहार से अमरोहा के लिए रवाना हो गए।
सीएचसी प्रभारी डॉ. उमर फारुख ने बताया कि महिला की तबीयत ठीक है। उसका उपचार किया जा रहा है। जबकि, नवजात बच्ची की मौत हो चुकी है। आरपीएफ के एएसआई गोपाल चंद ने बताया कि सविता से नंबर लेकर उसके परिजनों को अवगत करा दिया गया है। परिजन वहां से रवाना हो गए हैं।