हसनपुर (अमरोहा)। निजी अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के चार दिन बाद प्रसूता की हालत खराब होने पर मेरठ रेफर कर दिया, जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने निजी अस्पताल में पहुंचकर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल की ओटी को सील कर दिया है। रहरा थाना क्षेत्र के गांव देहरी खादर निवासी दीपक कुमार ने 25 मई को प्रसव पीड़ा होने पर अपनी पत्नी नीलम (20) को हसनपुर के बाईपास मार्ग पर साईं जीवनदान हास्पिटल में भर्ती कराया था। जहां पर महिला ने ऑपरेशन के बाद एक बेटे को जन्म दिया।
तीन दिन तक जच्चा-बच्चा अस्पताल में भर्ती रहे। चौथे दिन अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गई। 29 मई को डॉक्टर ने महिला को गंभीर हालत में मेरठ के लिए रेफर कर दिया। मेरठ में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद शुक्रवार देर रात परिजन मृतका का शव एंबुलेंस में लेकर हसनपुर के उसी अस्पताल में पहुंचे। जहां उसकी सिजेरियन डिलीवरी हुई थी और जमकर हंगामा किया। उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम को भेज दिया गया।
सीएचसी के चिकित्साधिक्षक डा.ध्रुवेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल की ओटी को सील कर दिया है। अस्पताल का पंजीकरण है। वहीं सीओ पंकज कुमार त्यागी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। अभी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।