बिना रजिस्ट्रेशन के टैक्स चोरी कर ट्रैक्टर को कामर्शियल उपयोग में करने वालों पर सख्त प्रदेश सरकार ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। शासन का फरमान मिलने के बाद चीनी मिलों ने किसानों को एसएमएस भेजकर ट्रिपलर-ट्राली के साधन से गन्ना आपूर्ति करने पर ट्रैक्टर पर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पड़ा होने पर टोकन जारी नही किया जाएगा।
इस पर दो फरवरी से अमल किया जाएगा। फोन पर मिले एसएमएस से किसानों में हड़कंप मचा है। मामला संज्ञान में आते ही किसान संगठनों ने योगी सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है। जरूरत पड़ने पर मसला न्यायालय तक ले जाने की बात कह रहे हैं।
प्रदेश भर में बिना रजिस्ट्रेशन कराए ट्रैक्टर ट्राली का कामर्शियल उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। किसानी उपयोग के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर से मिट्टी और ईंटें ढोई जा रही हैं। जिसका परिवहन विभाग को टैक्स भी नहीं दिया जा रहा। जिसके बाद योगी सरकार ने ट्रैक्टर ट्राली को कामर्शियल बताते हुए एआरटीओ रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया। जिसका तिमाही टैक्स जमा करना होगा।