अमरोहा। विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये पंचायतों के खातों से बिना बिल और वाउचर के खर्च कर दिए गए। मामला ऑडिट में फंसा तो कई पंचायत सचिवों एवं प्रधानों की गर्दन फंस गई। शासन की सख्ती के बाद इसमें विभागीय कार्रवाई शुरू हुई तो छह पूर्व प्रधानों की आरसी जारी कर दी गई। वहीं इनके सचिवों के वेतन से खर्च किए धन की वसूली हुई है। वर्ष 2015-16 के विकास कार्यों को लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधान और सचिवों के बीच सरकारी धन के बंदरबांट का खेल खूब चला। ऑडिट हुआ तो इसका खुलासा हुआ।
साल 2015-16 में जोया ब्लाक क्षेत्र की पंचायत जगुआ खुर्द में विकास के नाम पर 167366 रुपये, रजबपुर में 697055 रुपये, हाकमपुर में 20675 रुपये, रायपुर शहजादपुर में 228440 रुपये, मोहम्मदुर में 265652 रुपये, शहबाजपुर कलां में 182603 रुपये खर्च किए गये थे। इन सभी पंचायतों में की जिम्मेदारी तत्कालीन सचिव नानक चंद पर थी। विकास कार्यों के नाम पर धनराशि तो खर्च कर दी, लेकिन वह खर्च से संबंधित ब्यौरा विभाग को उपलब्ध नहीं करा सके। नारंगपुर में भी ऐसा ही मामला सामने आया। वहां 2,68,941 रुपये खर्च किए गए लेकिन सचिव अशोक कुमार द्वारा खर्च का कोई बिल उपलब्ध नहीं कराया। पंचायती राज विभाग ने कई बार नोटिस भी भेजे लेकिन इसके बाद भी न तो बिल उपलब्ध कराए गए और न ही धनराशि जमा कराई गई। दोनों सेवानिवृत्त हुए तो उनके विरुद्ध आरसी जारी की गई है।
गंगेश्वरी ब्लाक की छह पंचायतों में भी हुआ गड़बड़झाला
गंगेश्वरी की छह पंचायतों में गड़बड़ी हुई। जांच के बाद बीझलपुर के पूर्व प्रधान लाल सिंह, मलकपुर के पूर्व प्रधान मनोज त्यागी, भूवरा के पूर्व प्रधान ब्रह्मराज सिंह, पथरा एतमाली के पूर्व प्रधान सोमपाल सिंह, पथरा मुस्तकम के पूर्व प्रधान सत्यप्रकाश एवं नानई लिसड़ा की पूर्व प्रधान सुधा देवी पर विकास कार्याें में गबन के मामले में आरोप सिद्ध हुए। जिसके बाद विभाग द्वारा सभी के खिलाफ रिकवरी के लिए आरसी जारी हुई। वहीं, इन पंचायतों के सचिवों के वेतन से भी आधी धनराशि की रिकवरी विभाग द्वारा कर ली गई है।
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13 प्रधानों को भेजा गया है नोटिस
जोया ब्लाक की पंचायत कालाखेड़ा के तत्कालीन प्रधान कृष्णपाल सिंह, कांकर सराय के अल्लाबख्श, जगुआ खुर्द के जसवंत सिंह, रजबपुर के प्रधान आयशा खातून, हाकमपुर के प्रधान जसवंत सिंह, रायपुर शहजादपुर के प्रधान अनुज कुमार मोहम्मदपुर की प्रधान रामेश्वरी, शहबाजपुर कला की प्रधान मीनाक्षी, नारंगपुर के प्रधान महकार सिंह, गंगेश्वरी ब्लाॅक की पंचायत मुवारिजपुर कला के प्रधान तोताराम भी इस जांच में फंसे। जिसके बाद डीएम ने इन प्रधानों को वसूली के नोटिस भेजे हैं।
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2021-22 में शेखपुर झकड़ी में हुई गड़बड़ी
हसनपुर ब्लॉक की पंचायत शेखपुर झकड़ी में भी बिना बिल और वाउचर के 11.64 लाख रुपये खर्च करने का मामला सामने आया। यहां भी बिल और वाउचर को उपलब्ध नहीं कराए। यह मामला भी आडिट में पकड़ा गया। जिसके बाद डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिव विकास यादव को बिल व वाउचर सम्बंधी अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी किया है।
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विकास कार्याें के सम्बंधित गड़बड़ी के मामले ऑडिट में सामने आये थे। छह सचिवों के वेतन से वसूली की गई है। जांच में फंसे ग्राम प्रधानों के खिलाफ आरसी जारी की गई है। अन्य मामलों में अभी जांच चल रही है। जिन प्रधानों ने तय समय तक अदायगी नहीं की। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पारूल सिसौदिया, डीपीआरओ।
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