टाहलीवाल बेला में अचानक गेहूं की फसल में आग लग गई।
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उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम लिमिटेड के अफसरों की लापरवाही से अनाज की दो सौ बोरियां भीग गईं। एक पखवाड़ा पूर्व आंधी में ध्वस्त हुए गोदाम को अमर उजाला के चेताने के बाद भी अफसरों ने नहीं दुरुस्त कराया।
नतीजतन खुले आसमान के नीचे (गोदाम क्षतिग्रस्त होने से) रखा अनाज बुधवार को मूसलाधार बारिश में रातभर भीगता रहा। इसमें तकरीबन दो सौ बोरी राशन भीग गया। यदि बारिश और पड़ी तो गोदाम में रखीं अन्य बोरियां भीग कर खराब हो जाएंगी। हालांकि अधिकारी अनाज खराब होने से इंकार कर रहे हैं और 20 जून के बाद ही गोदाम की मरम्मत कराने की बात कह रहे हैं।
जोया में उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम लिमिटेड के अनाज का गोदाम है। जोया ब्लाक में 153 ग्राम पंचायत एवं 11 न्याय पंचायत हैं। इसी गोदाम से राशन डीलर बांटने के लिए अनाज उठाते हैं। इसमें हर समय करीब 20 हजार बोरी अनाज का स्टॉक रहता है। पखवाड़ा भर पहले आंधी में गोदाम ध्वस्त हो गया था। उस समय भी अनाज की सैकड़ों बोरियां भीग र्गइं थीं।
अब बुधवार की आधी रात से शुरू हुई बारिश से गोदाम में रखा अनाज भीगता रहा। दो सौ बोरियां भीग कर खराब हो गईं। एक बोरी में 50 किलो राशन आता है, इससे करीब 100 क्विंटल राशन खराब होने का अनुमान है। भीगने से गेहूं अंकुरित होने लगेगा, मगर विभाग के किसी भी अफसर ने मौके पर जाकर राशन देखने की भी जहमत नहीं उठाई।