अमरोहा। दिन में सूरज की तपिश को देखते हुए वायरल और डेंगू से मरीजों को अभी निजात मुश्किल नजर आ रहा है। नवंबर के पहले हफ्ते में भी दिन का तापमान 29-30 के आसपास है। इस तापमान में वायरस सक्रिय रहते हैं। अगर दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से कम हो जाए तो वायरल और डेंगू का ‘दम’ निकल जाएगा। वायरस निष्क्रिय हो जाएंगे। ऐसे में सेहत महकमे के नाकाफी इंतजाम के बीच मरीजों को अब तापमान में गिरावट का इंतजार है।
जिले में वायरल फीवर और डेंगू से हाहाकार मचा हुआ है। बुखार और डेंगू के लगातार बढ़ रहे मरीजों संख्या के आगे सेहत महकमा का इंतजाम नाकाफी साबित होने लगा है। नवंबर की शुरुआत होने के बाद भी वायरस वातावरण में सक्रिय हैं। यही वजह है कि हर दिन वायरल, डेंगू, मलेरिया और टायफाइड के केस सामने आ रहे हैं। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में तीस से चालीस फीसदी मरीज बुखार के ही पहुंच रहे हैं। जानकारों के मुताबिक सुबह शाम ठंड महसूस की जा रही है लेकिन दिन का तापमान अब भी गर्म है। सूरज की तपिश महसूस की जा रही है। सर्द गर्म का ये मेल वायरस के लिए मुफीद साबित हो रहा है। नवंबर में अभी तक दिन का तापमान 29 और 30 डिग्री के आसपास ही रहा। दिन के तापमान में गिरावट आने के बाद ही वायरस निष्क्रिय होंगे। तब जाकर मरीजों को वायरल और डेंगू से निजात मिलेगी।
एक नजर नवंबर के तापमान पर
तारीख अधिकतम न्यूनतम
05 नवंबर 29.0 17.0
04 नवंबर 29.0 17.0
03 नवंबर 30.0 18.0
02 नवंबर 30.0 17.0
01 नवंबर 30.0 17.0
तापमान गिरने पर निष्क्रिय हो जाएंगे वायरस
अमरोहा। स्वास्थ्य विभाग के डिस्ट्रिक्ट एपेडेमियोलाजिस्ट डॉ. जावेद सिद्दीकी का कहना है कि मौसम में आर्दता बढ़ने पर निष्क्रिय वायरस पूरी तरह से सक्रिय हो जाते हैं। यही वजह है कि बारिश के बाद वायरल फैल जाता है। जब तापमान गिरता है, मौसम में ठंडापन आता है तो यही सक्रिय वायरस निष्क्रिय हो जाते हैं लेकिन इस बार नवंबर में भी दिन का तापमान 29-30 डिग्री के आसपास है। इसके चलते वायरस अब भी सक्रिय हैं। अगर दिन का तापमान 25 डिग्री से कम हो जाए तो वायरस निष्क्रिय हो जाएंगे। वायरल और डेंगू कंट्रोल हो जाएगा।
बारिश से लंबा हुआ वायरल का सीजन
अमरोहा। आमतौर पर अगस्त से शुरू होने वाले वायरल का असर अक्तूबर मध्य तक रहता है। इस दौरान उमस भरी गर्मी के बीच वायरल फीवर के साथ डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के केस अधिक सामने आते हैं लेकिन इस बार बारिश सितंबर के आखिर तक होती रही। यही वजह है कि वायरल का सीजन अभी तक चल रहा है।
टेंप्रेचर कम होने पर नहीं पनप पाएंगे डेंगू के मच्छर
अमरोहा। उमस भरी गर्मी मच्छरों के पनपने के लिए सबसे मुफीद मौसम होता है। टेंप्रेचर गिरने पर मच्छरों की संख्या में भी गिरावट आती है। डेंगू जैसे जानलेवा मच्छर भी मौसम में अर्दता कम होनेे पर अपने आप खत्म हो जाते हैं।