अमरोहा। वेव शुगर मिल मंडी धनौरा द्वारा किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न करने पर गन्ना विभाग सख्त हो गया है। बुधवार को डीसीओ ने मिल अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए दो सप्ताह में भुगतान करने के निर्देश दिए। भुगतान न करने वाली मिलों को डीएम स्तर से नोटिस भी जारी किए गए हैं। दो जून के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान न होने के मुद्दे को उठाया था।
शुगर मिलों द्वारा लगभग डेढ़ माह पहले ही पेराई समाप्त कर दिया गया है। लेकिन इसके बाद भी मंडी धनौरा स्थित वेव शुगर मिल किसानों को शेष गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कर सकी है। मिल द्वारा 520.81 करोड़ रुपये के सापेक्ष 457.57 करोड़ रुपये किसानों को गन्ना मूल्य के रूप में दिए हैं। अभी भी इस मिल पर किसानों के 63.24 करोड़ रुपये बकाया हैं। दो जून के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ किसानों के गन्ना मूल्य बकाये के भुगतान शुगर मिलों द्वारा न किए जाने के मुद्दे को प्रकाशित किया था। जिसके बाद बुधवार को डीसीओ मनोज कुमार ने वेव शुगर मिल अधिकारियों को अपने कार्यालय में बुलाकर बैठक ली, तथा 14 दिनों के भीतर गन्ना मूल्य का भुगतान करने का हवाला देते हुए दो सप्ताह के भीतर बकाया भुगतान करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
गन्ना समिति धनौरा के सचिव को तत्काल अवशेष गन्ना मूल्य पर ब्याज की गणना कराते हुए ब्याज के बिल भुगतान हेतु चीनी मिल को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए। शुगर मिल अधिकारियों द्वारा 30 जून तक भुगतान करने की कार्ययोजना डीसीओ को उपलब्ध कराई गई। डीसीओ ने बताया कि गन्ना भुगतान में लापरवाही करने वाली शुगर मिलों को जिलाधिकारी स्तर से नोटिस भी जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि भुगतान न होने की स्थिति में शुगर मिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही क्रय केंद्रों के आवंटन के समय शुगर मिलों के क्रय केंद्रों को दूसरी शुगर मिलों को आवंटित भी कर दिया जाएगा। इस दौरान शुगर मिल के जीएम केन जगतवीर सिंह, सीए रुपेश कुमार, गन्ना प्रबंधक संजीव मलिक एवं धनौरा समिति के सचिव प्रभारी यतेन्द्र हल्दिया मौजूद रहे।