हसनपुर। क्षेत्र के गांव सहसौली में मुख्य मार्ग पर भीषण जलभराव और कीचड़ के कारण ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। हालात इस कदर बदतर हैं कि लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ब्लॉक स्तर से गांव में जल निकासी के लिए नाला निर्माण का कार्य शुरू कराया गया था। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते इस काम को बीच में ही रोक दिया गया। नाला अधूरा छूटने के कारण अब घरों का सारा गंदा पानी मुख्य मार्ग पर जमा हो रहा है। इसी मुख्य रास्ते पर गांव का स्कूल भी स्थित है।
जलभराव और गहरे कीचड़ के कारण रोजाना स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बच्चे इस कीचड़ में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। यह मार्ग केवल सहसौली ही नहीं, बल्कि बसी, अगरौला कला, मोहम्मदपुर सुल्तानठेर, सोहरका, धीमरखेड़ी, भीमाठीकरी और फतेहपुर वाटीपुरा समेत करीब 12 गांवों को आपस में जोड़ता है। रोजाना हजारों की आबादी इस रास्ते से गुजरती है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए कई बार क्षेत्रीय सांसद और विधायक से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए प्रशासन से रुके हुए नाला निर्माण को जल्द पूरा कराने और जलभराव से मुक्ति दिलाने की मांग की है।
क्या बोले लोग
-यह रास्ता गांव गांव प्रमुख रास्ता है। जिस पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान होना चाहिए। -जिले सिंह, पूर्व प्रधान, सहसौली।
-कई बार रास्ते की जलभराव की समस्या का समाधान कराने की मांग की जा चुकी है। लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। मयंक दक्ष, ग्रामीण सहसौली।
-रास्ते पर जलभराव होने से स्कूली बच्चों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जल्द ही इस समस्या का समाधान होना चाहिए। राम सिंह, ग्रामीण सहसौली।
-बरसात के दिनों में तो यह रास्ता और भी खराब हो जाता है। यहां तो सामान्य दिनों में भी जलभराव की स्थिति रहती है। कुंवर सिंह, ग्रामीण सहसौली।
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बयान
-जलभराव की समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही इसे दूर किया जाएगा। -सतीश चौहान, ग्राम प्रधान सहसौली।