गजरौला। तिगरी में जल पुलिस की चौकी बनाई जाएगी। उसमें एसडीआरएफ की एक कंपनी बचाव के उपकरणों के साथ हर समय मुस्तैद रहेेगी। गंगा में किसी के डूब जाने पर तलाश करने के लिए बाहर से एसडीआरएफ की टीम बुलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
तिगरी में कई जिलों के लोग अपने परिचितों का अंतिम संस्कार करने आते हैं। इसके अलावा प्रत्येक अमावस्या, पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालु स्नान करतेे हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर उत्तर भारत के प्रमुख मेलों में शुमार मेला लगता हैै। जिसमें कई दिनों तक लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाकर पुण्य कमाते हैं। गंगा में नहाते समय गहरे जल में चले जाने पर किसी न किसी के डूब जाने के मामले सामने आते रहते हैं। अमरोेहा के दानिशमंदान मोहल्ला निवासी तीनों सगे भाई ओमकार, बंटी और अनुज बीते साल 27 अगस्त को तिगरी गंगा में डूब गए थे। वह अपने भतीजे का मुंडन संस्कार कराने आए थे। उनकाे तलाश करने के लिए लखनऊ से एसडीआरएफ बुलानी पड़ी थी। अभी हाल ही में देवरिया का युवक कांकाठेर के सामने गंगा में डूब गया था। उसे खोजने के लिए भी लखनऊ से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। मेले में भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ बुलानी पड़ती है। गंगा में डूबे किसी शख्स को तलाश करने के लिए बाहर से एसडीआरएफ टीम बुलानी न पड़े, इसके लिए तिगरी में ही जल पुलिस की चौकी बनाए जाने की तैयारी हैै।
बीते दिनों डीएम व एसपी ने तिगरी में इसके लिए जमीन देखी थी। इंस्पेक्टर मनेाज कुमार का कहना है कि तिगरी में जल पुलिस की चौकी बनाई जाएगी।चौकी बन जाने पर एक कंपनी जवान हर समय मुस्तैद रहेंगे। इससे गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा मजबूत होगी। इसके अलावा अंतिम संस्कार करने आने वालेे लोगों में किसी के डूब जाने पर तुरंत बचाया जा सकेेगा।