ब्लाक के गांव सरकड़ा अजीज में करीब 10 इंडिया मार्का हैंडपंप पीला पानी उगल रहे हैं। रखते ही पानी का रंग बदल जाता है। गंदा पानी ग्रामीणों में कई बीमारियों को जन्म दे रहा है। कई ग्रामीण लीवर के इंफेक्शन से ग्रसित हैं।
पांच हजार की आबादी वाले गांव में जल निगम की ओर से ओवरहेड टैंक बनवाया गया था, लेकिन लीकेज के कारण वो भी बंद पड़ा है। प्रशासन की लापरवाही के कारण ग्रामीण गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
जोया ब्लाक के गांव सरकड़ी अजीज की आबादी पांच हजार के आसपास है। गांव में पोयजल आपूर्ति के लोगों के निजी साधनों के अलावा करीब 20 सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप हैं। इसमें 10 हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं रह गया है।
ग्रामीणों को कहना है कि गांव में पेयजल सप्लाई के लिए ओवर टैंक बनाया गया है, लेकिन लीकेज की शिकायत के बाद से वो भी बंद पड़ा है। इससे ग्रामीणों सरकारी हैंडपंप का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
लगभग 10 सरकारी नलों का पानी ऐसा है कि बर्तन में रखते ही पानी और बर्तन दोनों पीले पड़ जाते हैं। मजबूरी में उन्हें गंदा और पीला पानी पीना पड़ रहा है। गंदे पानी के सेवन से गांव में कई लोग बीमारियों से ग्रसित हो चुके हैं। उन्हें लीवर में इन्फेक्शन और सांस फूलने जैसी बीमारी होने लगी हैं।
दूषित पानी पीने से बीमार पड़े गांव के जसवंत कई स्थानों पर अपना इलाज करा चुके हैं, लेकिन को फायदा नहीं हो रहा है। ग्रामीणों संबंधित विभाग से टंकी चालू कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों सरकारी नलों को पानी की जांच कराने और लीकेज दुरुस्त कराकर ओवर हेड टैंक से सप्लाई शुरू कराने की मांग उठाई है।
करोड़ों की टंकी पड़ी बेकार
जोया। गंदे और खराब पानी की शिकायतों के बीच गांव में वर्ष 2016 में जल निगम की ओर से करोड़ों की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। अभी आधे गांव में ही पेयजल सप्लाई की लाइन बिछाकर टेस्टिंग की गई तो 10 से 12 स्थानों पर वीकेज निकल गई। तभी से टंकी बंद पड़ी है। ग्रामीणों और प्रधान ने जल निगम से मामले की कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
आधे गांव में नहीं हुए कनेक्शन
जोया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कहने के लिए तो ओवरहेड टैंक का निर्माण कर दिया गया, लेकिन इससे कोई लाभ नहीं हैं। आधे गांव में तो कनेक्शन ही नहीं पहुंचे हैं। जहां कनेक्शन दिए गए वहां 10 से 12 स्थानों पर लीकेज की समस्या होने से टंकी भी बंद पड़ी है।
गांव के लगभग 10 नलों की पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। पानी को जैसे ही बर्तन में भरकर रखते हैं वो पीला पड़ जाता है। मजबूरी में इसी पानी को पीना पड़ रहा है। कई बार टंकी चालू कराने के लिए मांग की गई, लेकिन समान नहीं हुआ।
राजीव कुमार, सरकड़ी अजीज
गांव स्वच्छ पेयजल की सप्लाई के लिए करोड़ों की लागत से टंकी बनवाई गई थी। आधे ही गांव में कनेक्शन हुए। उसमें भी लीकेज निकल आई। इसके बाद से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया।
विपिन कुमार, सरकड़ी अजीज
कई बार गंदे पानी को लेकर प्रधान और विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई। लेकिन कोई शिकायत सुनता ही नहीं है। क्या करें। मजबूरी यही गंदा पानी पी रहे हैं।
डूंगर सिंह, सरकड़ी अजीज
गंदे पानी के सेवन से गांव में कई प्रकार बीमारियां लोगों को घेर रही हैं। दूषित पानी से ही मुझे पेट में इन्फेक्शन की बीमारी हो गई है। सांस भी फूलने लगी है। डाक्टरों ने बताया कि दूषित पानी के सेवन से ही ये बीमारियां हुई हैं। गांव स्वच्छ पेयजल सप्लाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
जसवंत सिंह