गजरौला के पप्सरा खादर में गंगा का पानी घुसने से पूरी तरह से डूबी धान की फसल।
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गंगा में बाढ़ के हालात से खादर की आबादी ही प्रभावित नहीं हो रही है बल्कि फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। खादर में पचास प्रतिशत से ज्यादा धान की फसल नष्ट हो चुकी है। अब धीरे-धीर पानी कम हो रहा है तो धान की खराब हुई फसल दिखाई देने लई है।
खादर में बसे पप्सरा खादर गांव के जंगल में गंगा का पानी घुस आया था। जलस्तर बढ़ा तो खेतों मेें कई कई फीट पानी भर गया। इस पानी से गन्ना को नुकसान नहीं हुआ लेकिन धान के लिए यह खराब साबित हुआ। अब धीरे-धीरे पानी कम हो रहा है। धान की फसल के नष्ट होने की पुष्टि हो रही है। अभी तक धान की फसल के ऊपर तक पानी चढ़ा हुआ था। कई दिनों तक खेतों में पानी होने से धान की फसल नष्ट हो गई है।
इस क्षेत्र में सैकड़ों बीघा धान की फसल नष्ट हो गई है। इसके अलावा शीशोवाली, जाटोवाली, टीकोवाली, जगदेवपुर आदि गांव में भी धान की फसल को काफी नुकसान पहुुंचा है। इरफान, भोले, राशिद, राम सिंह, जयराम, रामकरण आदि ने बताया कि बाद में रोपी गई धान की फसल लगभग पूरी तरह खराब हो गई है। अगेती फसल में ही कुछ धान निकलने की उम्मीद है। अभी पानी और चढ़ा तो बची फसल भी नष्ट हो जाएगी। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।