लगातार हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से 88710 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा उफान पर है। गंगा किनारे निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। तिगरी, कांकाठेर, ओसीता जगदेवपुर के ग्रामीणों को खेतों में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। खेतों के साथ ही रास्ते भी पानी से लबालब होने के कारण चारा आदि लाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार की सुबह तिगरी के सामने गंगा का जल स्तर 200.10 गेज मीटर दर्ज किया गया। बिजनौर बैराज से 88710 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा के जल स्तर में दस सेंटीमीटर की वृद्घि हो गई। क्योंकि रविवार को 200 गेज मीटर दर्ज किया गया था। गंगा के जल में दस सेंटीमीटर वृद्घि हो जाने के कारण गंगा उफान पर है। गंगा का जल आस पास के निचले खेतों में भर गया है। नजदीकी खेतों में तो तीन से चार फिट पानी है। गंगा का जल स्तर बढ़ जाने से एक तो किसानों के सामने चारे की किल्लत पैदा हो गई है, दूसरे फसल को नष्ट होने की चिंता सता रही है।
चारे की फसल पानी भर जाने के कारण जल्द ही खराब हो जाती है। इसके अलावा खेतों को जाने वाले रास्ते पानी से लबालब होने के कारण ओसीता जगदेवपुर, कांकाठेर, तिगरी आदि गांवों के ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टापू में बसे दारानगर, मंदिर वाली, भुड्डी वाली गांवों के लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। जेई अनवर बहादुर खान ने बताया कि बिजनौर बैराज से 88710 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जल स्तर दस सेंटीमीटर बढ़ गया है।