आंधी में पड़ोसी के घर की दीवार गिर जाने से मलबे में दब कर मां और उसके दो बेटे घायल हो गए। चीख पुकार सुन कर दौड़े मोहल्ले के लोगों ने मलबे में दब रहे घायलों को बाहर निकाला। तीनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से मां की हालत गंभीर होने के कारण उसे मेरठ रेफर कर दिया गया।
नगर के अल्लीपुर चौपला निवासी मदन रावत चौपला पर फलों का ठेला लगाकर परिवार का पालन पोषण करता है। उसके घर के बराबर बड़े भाई संजय रावत का घर है। शुक्रवार की रात मदन रावत की पत्नी सविता व उसके 12 वर्षीय बेटे तरुण और 13 वर्षीय का वरुण भीषण गर्मी होने के कारण आंगन में सो रहे थे। रात्रि 11 बजे संजय के घर की मुंडेर की दीवार भर भराकर गिर गई। जिसके मलबे के नीचे दब कर सविता व उसके दो बेटे घायल हो गए। मां-बेटों की चीख पुकार सुन कर लोग दौड़े। मलबे में दब रहे मां-बेटों को बाहर निकाला। जिनको मोहल्ले के लोगों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से सविता को मेरठ रेफर कर दिया गया, जबकि वरुण व तरुण मुरादाबाद में भर्ती कराए गए। तीनों की हालत नाजुक बताई जा रही है। स्थानीय सभासद विनोद गुर्जर ने घायलों को निजी अस्पताल से लेकर मेरठ भर्ती कराने में मदद किए जाने का दावा किया है। चौपला चौकी के पुलिसकर्मियों ने दीवार गिर जाने की पुष्टि की है, लेकिन उनका कहना है कि इस संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है।