गजरौला। तीर्थनगरी ब्रजघाट में शवों की अंत्येष्टि करने के लिए परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। छह घंटे बाद भी उनकी बारी नहीं आ रही है। यही वजह है कि कई लोग अंतिम संस्कार के लिए शवों को लेकर गंगाधाम तिगरी आ रहे हैं। यहां भी एक बार में 30 से 40 चिताएं एक साथ जलाई जा रही हैं।
शुक्रवार को भी ब्रजघाट में अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर आए लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा। वहां अंत्येष्टि स्थल पर सही तरीके से खड़े होने की भी जगह नहीं थी। चारों और चिताएं ही चिताएं धधक रही थीं। बता दें कि दिल्ली, एनसीआर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, नोएडा, बुलंदशहर आदि से लोग अपने परिजनों के शव वहां अंतिम संस्कार के लिए लेकर आते हैं। कोरोना काल में हो रही मौतों के बाद वहां आने वाले शवों की संख्या बढ़ गई है। बताते हैं कि ब्रजघाट में रोजाना लगभग 120 शवों की अंत्येष्टि हो रही है। वहां जगह की कमी और काफी देर तक इंतजार करने से बचने के लिए तमाम लोग यहां गंगाधाम तिगरी में भी शवों को लेकर आ रहे हैं। तिगरी में घाट पर इन दिनों औसतन 30 से 40 चिताएं एक साथ जलाई जा रही हैं। इनमें अधिकांश शव कोरोना संक्रमितों के बताए जा रहे हैं।