सिंचाई विभाग द्वारा बारिश के मौसम को देखते हुए पैंटून पुल हटाने का जैथल के ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि अभी गंगा नदी का जलस्तर नहीं बढ़ा है। शनिवार को सिंचाई विभाग की ओर से जैथल व वाजिदपुर में लगे पैंटून पुल को हटा दिया गया था।
सिंचाई विभाग की ओर से दिसंबर में वाजिदपुर व जैथल गांव में आवागमन के लिए पैंटून पुल लगाया जाता है। खादर क्षेत्र के लोग पैंटून पुल से ही आवागमन करते हैं, जबकि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही सिंचाई विभाग इन पैंटून पुल को हटा देता है। शनिवार को गांव जैथल में पूर्व प्रधान जेके यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पैंटून पुल हटाने का विरोध किया।
ग्रामीणों का कहना था कि उनके पास नदी के पार जाने के लिए दूसरा अन्य कोई साधन नहीं है। सिंचाई विभाग के अफसरों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता जयंती प्रसाद का कहना था कि पैंटून पुल हर साल 15 जून तक हटा लिए जाते हैं। बरसात में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पैंटून पुल के बहने की आशंका रहती है। उन्होंने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया।