अमरोहा। पलौला गांव की प्रधान और क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना की सास गुले आयशा की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने डीएम से मिलकर ग्राम प्रधान पर मनरेगा में परिवार व चहेते लोगों को मनरेगा का जॉब कार्ड बनवाकर लाभ देने की शिकायत की है। उन्होंने 15 लोगों की सूची व जॉब कार्ड देते हुए जांच के साथ ही कार्रवाई की मांग की है।
बृहस्पतिवार को पलौला गांव के लोगों ने डीएम से कहा कि मनरेगा में ऐसे लोगों को भी लाभ दिया जा रहा है, जो पिछले काफी समय से विदेश में हैं। ग्रामीणों ने डीएम को 15 लोगों की सूची सौंपकर बताया कि ग्राम प्रधान को बेटा शेखू दिल्ली में रहकर वकालत कर रहा है। जबकि आजिम एक कंपनी में सिविल इंजीनियर है। शिकायत के अनुसार आकिब जावेद इंजीनियर हैं तो नदीम अहमद को सरकारी शिक्षक बताया है।
बताया कि मोहम्मद शमी की बहन पिछले 10 साल से गांव में नहीं रहती हैं। जबकि उनका जॉबकार्ड बना है। इसके अलावा बंगाल में रह रहे रणजी क्रिकेटर जब्बार, चिकित्सा व्यवसाय करने वाले डॉ. कमर अहमद, अलीगढ़ से बीएएलएलबी की पढ़ाई कर रहे अरमान, सऊदी अरब में रहने वाले मोहम्मद फैद का भी मनरेगा में जॉबकार्ड है। इसके अलावा शजर पिछले 30 साल से अमरोहा में दुकान करते हैं। उनका गांव में आवास भी नहीं है, उनको भी मनरेगा में जॉब कार्ड बनाया गया है।
जोया निवासी आयुष्मान मित्र के रूप में काम कर रहे सौरभ व एआरटीओ कार्यालय में काम करने वाले जैनुलाबदीन, सरकारी अस्पताल में फार्मासिस्ट के रूप में काम करने वाले रोहित और चिकित्सा व्यवसाय करने वाले ग्राम प्रधान के बेटे नसरूद्दीन का भी जॉब कार्ड बनाकर सरकारी धन की बंदरबाट की गई है। ग्रामीणों ने डीएम से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने शिकायती पत्र को जांच में शामिल करने की बात कही है। मामले को लेकर पलौला निवासी शहजाद अहमद, मोहम्मद असलम, नवाजिश अली, मोहम्मद गफ्फार व जावेद अहमद बृहस्पतिवार को डीएम निधि गुप्ता वत्स से मिले।
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