अमरोहा। ग्राम पंचायत अतरासी कलां में मनरेगा कार्यों की जांच करने पहुंची तकनीकी टीम के साथ ग्रामीणों की जमकर नोकझोंक हुई। हंगामे के बीच मारपीट की नौबत आने पर टीम बिना जांच किए ही वापस लौट गई। अब स्वतंत्रता दिवस के बाद पुलिस की मौजूदगी में टीम गांव पहुंचकर जांच करेगी।
जोया ब्लॉक के अतरासी कलां गांव निवासी कय्यूम, जुम्मा, शकूर, मुंतजिर समेत कई ग्रामीणों ने जून में डीएम को शपथपत्र देकर विकास कार्यों की जांच की मांग की थी। आरोप लगाया था कि प्रधान ने ग्राम पंचायत सदस्यों की बैठक नहीं की और एक सड़क को दो बार बनाए जाने का उल्लेख कर कथित तौर पर धनराशि निकाल ली। डीएम ने उपकृषि निदेशक और लोक निर्माण विभाग के एई को जांच अधिकारी नामित किया था। दोनों अधिकारियों ने कुछ जांच पूरी कर ली है।
बृहस्पतिवार को कृषि विभाग के जेई आनंद कुमार और लोक निर्माण विभाग के एई विजय मित्तल मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की नापतौल करने गांव पहुंचे। टीम ने जांच शुरू की तो ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। टीम के साथ काफी नोकझोंक हुई और मामला मारपीट तक पहुंचने की स्थिति बन गई। इसके बाद टीम बिना जांच किए ही वापस लौट आई। इससे गांव में काफी देर तक हंगामा होता रहा।
जांच अधिकारी एवं उपकृषि निदेशक महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि टीम मनरेगा कार्यों की जांच के लिए गई थी, लेकिन ग्रामीणों के हंगामा करने के कारण बिना जांच किए लौटना पड़ा। अब स्वतंत्रता दिवस के बाद पुलिस की मौजूदगी में जांच कराई जाएगी।