यगद नदी पर कब्जे की जांच का आश्वासन देकर एसडीएम के समय पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों का पारा चढ़ गया। ग्रामीणों ने एसडीएम पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए नदी के पाट क्षेत्र में प्रदर्शन किया।
खफा लोगों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला फूंक दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि, अगर शनिवार तक नदी की नापजोख कर अवैध निर्माण नहीं हटाए गए तो रविवार से आमरण अनशन शुरू करेंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
आदमपुर में यगद नदी पुल के पास तमाम लोगों ने निर्माण कर लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि, ये निर्माण नदी की भूमि पर हैं, जो अवैध रूप से कब्जाए गए हैं। इससे नदी के पुल से प्रवाह भी बाधित हो गया है। आरोप है कि, लोगों ने रावणदहन स्थल को भी नहीं छोड़ा। निर्माण कार्य से आदमपुर गांव के पानी निकासी की भी दिक्कत हो गई है।
ग्रामीण पहले भी महापंचायत कर चुके हैं। इस संबंध में शिकायत पर डीएम ने निर्देश दिए थे कि बुधवार को एसडीएम मौके पर पहुंचकर नदी की नापजोख कराएं। जिससे सही बात का पता चल सके। इसको लेकर ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। पुलिस भी पहुंच गई, लेकिन दोपहर एक बजे थाना प्रभारी ने बताया कि एसडीएम नहीं आ रहे। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने पहले तो जाम लगाने की कोशिश की, लेकिन समझाने पर मान गए।
ग्रामीणों ने नारेबाजी कर एसडीएम का पुतला फूंका। चेतावनी दी कि रविवार को आमरण अनशन शुरू करेंगे। ग्रामीणों ने प्रधान पर भी कब्जे को लेकर मिलीभगत का आरोप लगाया है। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश अग्रवाल, सीताराम, संतोष सैनी, यादराम, चमन सागर, सुभाष, मंगली सिंह, सुनील कुमार, भगीरथ, रामस्वरूप, राजेंद्र सिंह, ओमपालदास आदि मौजूद रहे।