अमरोहा। जिले में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में गुरुवार को पहली बैठक आयोजित हुई। पंचायत सचिवों की संख्या कम होने से अधिकतम 20 मिनट तक बैठक चल सकी। दरअसल एक पंचायत सचिव पर औसतन सात से आठ गांव हैं। अधिकांश जगहों पर ग्राम पंचायत की समिति गठित करने का अधिकार ग्राम प्रधान को दे दिया गया। अब ग्राम पंचायत की छह समितियां उनके जरिए गठित की जाएगी। प्रत्येक महीने में ग्राम पंचायत की बैठक होनी है। सीएम योगी आदित्यनाथ 28 फरवरी को ग्राम प्रधानों से वर्चुअल संवाद करेंगे। दोपहर 3.30 बजे से बातचीत करेंगे। माना जा रहा है कि वह विकास के क्रियान्वयन के लिए जोर दे सकते हैं। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए निर्देश मिलेगा।
जिले में छह ब्लॉक में 597 ग्राम पंचायत हैं जिसमें 262 ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो सका है। वहीं 334 ग्राम प्रधानों ने शपथ ग्रहण कर लिया है। जबकि असगरीपुर के प्रधान के जेल में होने से शपथ नहीं हुई है। वहीं जिले के सभी ग्राम पंचायतों में प्रधानों ने बैठक की अध्यक्षता की। पहली बैठक संक्षिप्त दौर में सिमट गई। दरअसल जिले में 80 पंचायत सचिव है इसके चलते उन्हें सभी आवंटित ग्राम पंचायतों में शामिल होना था। लिहाजा कोरम पूर्ति कर बैठक समाप्त कर दी गई। सहसपुर अली नगर में ग्राम प्रधान और समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष नूर सबा की अध्यक्षता में बैठक हुई। ग्राम पंचायत कांकर खेड़ा में बैठक हुई। सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल ने बताया कि ग्राम पंचायतों की पहली बैठक गुरुवार को हो गई है। अब प्रत्येक महीने में बैठक होनी है। ग्राम प्रधान अब बैठक बुला सकते हैं। उन्होंने बताया कि जूम एप से ग्राम प्रधानों से सीएम योगी आदित्यनाथ संवाद करेंगे। इसके लिए तैयारी पूरी हो गई है।
समितियों के गठन का अधिकार प्रधान को, कहीं गुप्त मतदान की मांग
अमरोहा। ग्राम पंचायतों के विभिन्न कार्यों के पर्यवेक्षण और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी समितियों के पास रहती है। समिति के सभापति को लेकर पंचायत सदस्यों ने रुचि दिखाई इसके चलते कई ग्राम पंचायतों में गुप्त मतदान की मांग की गई है। वहीं कुछ ग्राम पंचायतों में सदस्यों के प्रधान के खेमे के होने से समिति के चयन का अधिकार ग्राम प्रधान को दे दिया गया है।