अमरोहा। यातायात माह में भी हाईवे समेत जिले की सड़कों पर खड़े वाहन हादसे का कारण बन रहे हैं। इनकी वजह से कई हादसे भी हो चुके है जिनमें लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके जिम्मेदार अंजान बने हैं। हाईवे किनारे ट्रक, टेलर और टैंकर सहित अन्य वाहन खड़ा करने वालों पर पुलिस और परिवहन विभाग अंकुश नहीं लगा पा रहा है। जिम्मेदारों की नजर हाईवे किनारे खड़े भारी वाहनों पर नहीं पड़ती जो आधी सड़क को घेरकर खड़े होते हैं और हादसे का कारण बनते हैं।
अगर जिम्मेदार इस ओर कोई ठोस कदम उठाए तो शायद हादसों पर रोक लगा सकती है। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से लाखों रुपये रुपये प्रचार-प्रसार पर बहाया जाता है। इसके बावजूद सड़क सुरक्षा के नियम निर्देश कहीं भी धरातल पर देखने को नहीं मिलते हैं। गोष्ठियों और सेमिनारों में तो वाहन चालकों को नियमों का पाठ पढ़ाया जा जाता है लेकिन हाईवे ट्रक, डीसीएम, कंटेनर या अन्य वाहन चालकों को समझाने वाला कोई नहीं है।
24 घंटे सड़क के दोनों और ट्रक व भारी वाहनों खड़े रहते हैं। सड़क किनारे चालक रात के समय अपने वाहन बेतरतीब खड़ा कर देते हैं जो अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। इससे आए दिन हादसे भी हो रहे हैं जिनमें लोगों की जान भी बड़ी संख्या में जा रही है। पीछे से आने वाले तेज रफ्तार वाहन खड़े वाहन में टकरा जाते हैं। ऐसी कई घटनाएं हो चुकीं लेकिन लापरवाह वाहन चालकों की मनमानी पर आज तक लगाम नहीं लग सकी। कहने को तो संबंधित थानों के सिपाहियों को रात व दिन में हाईवे पर गश्त पर रहने के निर्देश हैं लेकिन वह कभी कभार ही दिखाई देते हैं। दुर्घटनाएं अक्सर ढाबों, सर्विस रोड के आसपास होती हैं। मंगलवार को भी हाईवे समेत जिलेभर की अन्य सड़कों पर वाहन खड़े दिखाई दिए। अब सवाल ये है कि लोग इन सड़कों पर सुरक्षित सफर कैसे करें।
-
गजरौला में हाईवे पर खड़ी डीसीएम में घुस गई थी गायक पवनदीप की कार
उत्तराखंड के चंपावत जिले के सिलेन टाक निवासी गायक पवनदीप राजन पांच मई की रात साथी अजय मेहरा के साथ घर से कार से दिल्ली जा रहे थे। उन्हें एक कार्यक्रम में शामिल होने हैदराबाद पहुंचना था। कार चालक राहुल सिंह चला रहा था। रात करीब ढाई बजे उनकी कार गजरौला क्षेत्र में चौपला चौराहा ओवरब्रिज से नीचे उतरी तो हाईवे किनारे सीओ ऑफिस के सामने खड़े कैंटर में घुस गई थी। हादसा चालक राहुल को झपकी आने के कारण हुआ था। हादसे में पवनदीप, उनके साथी अजय व चालक राहुल घायल हो गए थे। गजरौला पुलिस ने निजी एंबुलेंस से तीनों घायलों को डिडौली में हाईवे स्थित एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया था। इस हादसे में गायक पवनदीप, उनके साथी और चालक बाल-बाल बच बचे थे।
-
...जब खड़े वाहन में कार घुसने से हो गई थी कांस्टेबल और उनकी पत्नी की मौत
नौ जुलाई 2025 को विशेष अभिसूचना शाखा अमरोहा में तैनात हेड कांस्टेबल जव्वाद जैदी और उनकी पत्नी उरुस जैदी की मौत हो गई थी जबकि उनके दोनों बेटे घायल हो गए थे। इसे वाहन चालकों की मनमानी कहा जाए या जिम्मेदारों की लापरवाही। गजरौला चौपला पर यातायात पुलिस के साथ सिविल पुलिस 24 घंटे मुस्तैदी रहती है जबकि परिवहन विभाग के अफसरों को अवैध पार्किंग में खड़े वाहन दिखाई ही नहीं देते हैं। इतना ही नहीं ओवर स्पीडिंग, रॉन्ग साइड वाहन चलाने, ड्रंकन ड्राइविंग करने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। इनकी वजह से हादसे हो रहे हैं।
कार्रवाई के बाद भी नहीं लग रहा अंकुश
आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के महीने में यातायात पुलिस ने अवैध पार्किंग में खड़े 71 वाहनों का चालान काटा था। सितंबर के महीने में यातायात पुलिस ने सड़क पर खड़े 106 वाहनों का चालान काटा। यह सभी वाहन गजरौला चौपला पर अवैध पार्किंग में खड़े थे। ऐसे ही अक्तूबर के महीने में यातायात पुलिस ने 83 वाहनों का चालान काटा लेकिन बड़ी बात ही है कि लगातार कार्रवाई के बाद भी गजरौला चौपला चौराहे से लेकर पूरा हाईवे अवैध पार्किंग का अड्डा बना हुआ है जो हर रोज हादसों का कारण बनते हैं।
-
घने कोहरे में सड़कों पर नहीं इंतजाम, खतरे में जान
कोहरे में मुख्य मार्गों और हाईवे पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। हाईवे को छोड़कर अधिकतर सड़कों पर रिफ्लेक्टर, मोड़ पर संकेतांक, सफेद पट्टियां नहीं हैं। हाईवे पर बने अवैध कट हादसे को न्योता दे रहे हैं। कई जगहों पर सर्विस लेन अधूरी हैं। कुछ जगहों की स्ट्रीट लाइटें भी बंद हैं। दो दिन से कोहरा पड़ना शुरू हो गया है जिससे हादसे बढ़ सकते हैं।
यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है। बुधवार को सड़कों पर खड़े वाहनों के चालान और सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को भी 15 ई-रिक्शा पर कार्रवाई करते हुए गलत तरीके से लगाए गए पायदान कटवाए गए हैं। दो ई-रिक्शा सीज किए गए हैं।-अनुज मलिक, टीएसआई