फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: अमरोहा में अचानक बढ़ गया बंदरों का आतंक, 60 दिन में 18 लोगों को काटा, पीड़ितों में ज्यादातर महिलाएं शामिल

Tue, 23 Jan 2024 12:53 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

अमरोहा जिले में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। तालिया गांव में दो माह के भीतर 18 लोगों को बंदरों ने निशाना बनाया है। इसमें ज्यादातर महिलाएं हैं। लोगों ने प्रशासन से बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है। 
विज्ञापन
अमरोहा में बंदरों का आतंक - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमरोहा शहर से लेकर गांव तक बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। यही हालत तासिया गांव के हैं। यहां दो महीने में 18 लोगों को खूंखार बंदरों ने काट कर घायल कर दिया है। घायलों में अधिकांश महिलाएं शामिल हैं। ग्रामीणों ने बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। तासिया गांव रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव हैं।

विज्ञापन


ग्रामीणों के मुताबिक गांव में खूंखार बंदरों का आतंक बढ़ गया है। रविवार शाम गांव निवासी 55 वर्षीय भगवानदास किसी काम से छत पर गए थे। तभी उन पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। उन्हें कई जगह काटा। इस दौरान वह गिरकर घायल भी हो गए। बाद में परिजनों ने बंदरों को भगाया।

इससे पहले बंदर इंद्र सिंह, जसवीर सिंह, अनामिका, दुर्गेश, जयवती, प्रकाश, लीलावती, भागवती, शकुंतला, विद्या देवी, संतपाल सिंह, गुरमीत सिंह, मुन्नू, यशपाल सिंह, सुनीता, मोहित, सरिता को हमला कर घायल कर चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर खूंखार हो रहे हैं। लेकिन, इन्हें पकड़ने के लिए कोई पहल नहीं हो रही है।

बंदर के काटने पर ये करें

सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि बंदर के काटने से होने वाले घाव को लेकर घबराएं नहीं। इस घाव का इलाज भी कुत्ते के काटने से बने घाव की तरह ही किया जाता है। साबुन और पानी से इस घाव को कुछ सेकेंड नहीं, 5-10 मिनट तक धोएं। इस पर डेटॉल, बीटाडीन जैसे एंटीसेप्टिक लगाए।

विज्ञापन


सिर्फ कुत्ते के काटने से ही रेबीज होता है, बंदर के काटने से नहीं, यह गलत धारणा है। बंदरों के काटने से भी रेबीज हो सकता है। इसलिए घाव धोने के तुरंत बाद डॉक्टर से संपर्क करें। चौबीस घंटे में रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें