त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था में अब जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत की बारी है। इनका चुनाव भी समय से होना संभव नहीं लग रहा है। मुरादाबाद जिला पंचायत का कार्यकाल 11 जुलाई और क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 19 जुलाई को समाप्त होने जा रहा है।
ग्राम पंचायतों की तर्ज पर ही अब ब्लाक प्रमुखों ने भी कार्यकाल खत्म होने के बाद खुद को प्रशासक बनाए जाने की मांग उठानी शुरू कर दी है। मुरादाबाद जिले में 39 वार्डों वाली जिला पंचायत का कार्यकाल 11 जुलाई को खत्म होगा, क्योंकि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ़.शैफाली चौहान ने 12 जुलाई 2021 को शपथ ग्रहण की थी।
इसके साथ ही 22 महिलाओं के साथ 39 सदस्यों ने भी शपथ ली थी। इसके बाद जिले की आठ क्षेत्र पंचायतों के ब्लाक प्रमुखों की शपथ 20 जुलाई को हुई थी, इसलिए मुरादाबाद, बिलारी, भगतपुर टांडा, डिलारी, कुंदरकी, ठाकुरद्वारा, कांठ व छजलैट ब्लाक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को खत्म हो जाएगा।
बिलारी के ब्लाक प्रमुख राज पाल सिंह ने बताया कि जब प्रदेश शासन ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने पर निवर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक बना दिया तो फिर ब्लाक प्रमुखों को भी कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासक की जिम्मेदारी देनी चाहिए।
उन्होंने यह मांग उन्होंने शासन स्तर पर भी उठाई है। सरकार का रुख भी सकारात्मक है, इसलिए उम्मीद है कि ग्राम पंचायतों वाली व्यवस्था को क्षेत्र पंचायतों में लागू किया जाएगा। मूढ़ापांडे के ब्लाक प्रमुख नवदीप यादव ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था तो एक दूसरे से जुड़ी हुई है, जब ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए तो यही व्यवस्था क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में भी लागू होनी चाहिए।