इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज हुआ था केस
जिंदा किशोरी की हत्या का षड्यंत्र रचने वाले इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा, एसआई मोहम्मद आरिफ, एसआई राकेश कुमार, एसआई मनोज कुमार, एसआई विनोद कुमार त्यागी, सिपाही भूपेंद्र सिंह, सिपाही कृष्णवीर सिंह, सिपाही अनिरुद्ध, सिपाही दीपक कुमार, महिला सिपाही अपेक्षा तोमर व महिला सिपाही निधि के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। नामजदों में शामिल दरोगा विनोद कुमार त्यागी के सेवानिवृत्त हो जाने के कारण शेष दस पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
इंस्पेक्टर के खिलाफ हुए थे गैर जमानती वारंट
जीवित किशोरी को मृत दर्शाकर पिता, भाई और रिश्तेदार को ऑनर किलिंग में जेल भेजने वाले तत्कालीन आदमपुर इंस्पेक्टर (बरेली में तैनात) अशोक कुमार शर्मा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। इसके बाद भी वह हाजिर नहीं हुए। इतना ही नहीं न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अब संभल के क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर व मुकदमे के विवेचक हाजिर नहीं होने पर न्यायालय से उनकी कुर्की की अनुमति लेने की तैयारी में है।
पिता को 11, भाई को 9 और रिश्तेदार को जेल में काटने पड़े थे 15 महीने
लापरवाह पुलिस कर्मचारियों की वजह से निर्दोष पिता को अपने जीवन के करीब 11 माह, भाई को करीब 9 माह और रिश्तेदार को करीब 1 वर्ष 3 महीने जिला कारागार में गुजारने पड़े थे।
पीड़ित बोले: हमारी आर्थिक स्थिति को देखकर डीएम सुनिश्चित करें मुआवजा
बेटी की हत्या के झूठे आरोप में पंद्रह माह जेल में बंद रहे पिता का कहना है कि हाईकोर्ट से मुआवजे के संबंध में हुए आदेश से संतुष्ट हैं। हमारी आर्थिक स्थिति को देखकर डीएम मुआवजा सुनिश्चित करें। जो भी वह मुआवजा देंगे उसे स्वीकार किया जाएगा।
ऑनर किलिंग के झूठे मुकदमे में जेल काटने वाले निर्दोष पिता के आंसू छलक आए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बेटी की हत्या कबूल कराने के लिए तीन दिन तक थर्ड डिग्री दी थी। पेट्रोल छिड़ककर शरीर को जलाया और करंट के झटके दिए थे।
गर्भवती पुत्रवधू और अन्य परिजनों को बुरी तरह पीटा था। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने मुआवजे का आदेश दिया है। डीएम इसका निर्धारण करेंगे। इस मुकदमे बाजी के चक्कर में छह बीघा जमीन बिक गई। ट्रैक्टर, पशुओं समेत घर बहुत सामान बिक गया था। करीब 25 लाख रुपये से अधिक की क्षति हुई है।
इस मामले से जुड़े तथ्यों पर गहनता से अध्ययन किया जाएगा। शासन को भी पत्राचार किया जाएगा। विधिक राय लेने के बाद अग्रिम प्रक्रिया की जाएगी। अभी पूरा मामला हमारे भी संज्ञान में नहीं है। पुलिस विभाग से भी जानकारी ली जाएगी। -राजेश कुमार त्यागी, जिलाधिकारी