विवादों में घिरे पुलिसकर्मियों को सबक सिखाने के लिए एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम के बिना जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंचे इंस्पेक्टर क्राइम, मच्छरट्टा चौकी प्रभारी सहित नौ पुलिसकर्मियों लाइन हाजिर कर दिया। चार महीने में एसपी की यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है।
यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के कैलसा बाइपास रोड का है। यहां पर विवादित बेशकीमती जमीन पड़ी है। जिस पर मुस्लिम और सैनी वर्ग के लोग अपना हक जताते हैं। बुधवार को नगर कोतवाली पुलिस की टीम न्यायालय के आदेश पर एक पक्ष का जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंची थी। पुलिसकर्मियों ने राजस्व विभाग की टीम को मौके पर बुलाना मुनासिब नहीं समझा।
इस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई। जमीन को लेकर सियासत गरमाने लगी। कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाते हुए कार्रवाई को गलत बताया और इसकी शिकायत एसपी कुंवर अनुपम सिंह से की। प्रकरण को गंभीरता से लेकर एसपी ने सीओ सिटी विजय कुमार राणा से जांच कराई।
जिसमें नगर कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर क्राइम अमरीश त्यागी, मछरेहटा चौकी इंचार्ज पुष्पेंद्र राठी, हेड कांस्टेबल सुधीर तोमर, महिला कांस्टेबल नाजमा, कांस्टेबल हर्ष कुमार, सौरभ सिंह, स्वदेश सिंह, संदीप कुमार व दीपक कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। अचानक हुई बड़ी कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि एक स्थानीय भाजपा नेता ने एसपी से शिकायत करते हुए इन पुलिसकर्मियों पर जमीन पर कब्जा दिलाने के एवज में एक पक्ष से सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाया था। हालांकि जांच में इसकी पुष्टि तो नहीं हुई, लेकिन एसपी ने इन पुलिस कर्मियों को बिना राजस्व अफसरों के मौके पर पहुंचने को बड़ी लापरवाही मानते हुए कार्रवाई कर दी है।