मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में बृहस्पतिवार की शाम सड़क हादसे में जान गवाने वाले श्योनाली के लोगों की मौत के बाद शुक्रवार की दोपहर शव घर पहुंचे। गांव में गमगीन माहौल में चाचा-भतीजे का जनाजा उठा। देर रात परिजनों ने शवों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। जबकि मासूम समेत दो रिश्तेदारों के शवों का दफीना उनके गांवों में किया गया। हादसे में घायल 31 लोगों की हालत में सुधार बताया जा रहा। मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। दो लोगों की मौत के बाद घरों के चूल्हे तक ठंडे पड़ गए। हर तरफ मातम पसरा नजर आया।
जनपद के डिडौली थानाक्षेत्र के श्योनाली निवासी शाह आलम बृहस्पतिवार सुबह अपनी ट्रैक्टर ट्राली लेकर जसपुर स्थित कालू सईद बाबा की दरगाह पर गए थे। उनके साथ उनके परिवार, रिश्तेदार और गांव के अन्य लोग सवार थे। ट्रैक्टर -ट्राली में बच्चे, महिला समेत 35 लोग सवार थे। दरगाह पर चादरपोशी करने के सभी लोग बृहस्पतिवार शाम घर लौट रहे थे। करीब साढ़े पांच बजे जैसे ही उनका ट्रैक्टर ट्राली मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग पर रामूवाला गणेश चौराहे के पास पहुंची। इसी दौरान मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा की ओर जा रहे ट्रक का अगला पहिया गड्ढे में आ गया। जिससे टायर फट गया और ट्रक अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर ट्राली में घुस गया। इस हादसे में ट्रैक्टर ट्राली सवार लोग घायल हो गए थे। हादसे में आमना खातून निवासी रामपुर चौराहा सिद्दीकी कॉलोनी थाना कटघर, मोहम्मद आरिफ, उसका भांजा मोहम्मद रोहान और चाचा छोटे शाह की मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए थे। गांव में रातभर मातम पसरा रहा। एक ओर जहां मृतकों के परिवारों में अपनों को खाने का गम दिखा तो वहीं घायलों का हाल जानने के लिए उनके परिजन बेचैन रहे। आम ग्रामीण भी भयावह हादसे के बाद परेशान रहे। शुक्रवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद चाचा-भतीजे के शव एक साथ गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। रात आठ बजे के बाद गमगीन माहौल में शवों का दफीना कर दिया गया। वहीं मासूम रिहान और आमना खातून के शव को अपने अपने गांव में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वहीं कुछ घायलों की हालत जहां अभी भी चिंताजनक बनी है तो वहीं सेहत में सुधार के बाद कुछ ग्रामीणों ने घर वापस आ गए हैं।