अमरोहा। जिले की राजनीति में बृहस्पतिवार देर रात बड़ा फैसला सामने आया, जब भाजपा ने उदयगिरि गोस्वामी को लगातार दूसरी बार जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। सूची जारी होते ही संगठन के भीतर हलचल तेज हो गई। गोस्वामी पहले भी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नेता माने जाते हैं।
उनकी दोबारा ताजपोशी को जहां समर्थकों ने अनुभव और संगठनात्मक क्षमता की जीत बताया, वहीं जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल रहे अन्य नेताओं के खेमे में मायूसी देखी गई। जाट, चौहान, गुर्जर, सैनी और अनुसूचित जाति वर्ग से कई नेताओं ने अपनी दावेदारी जताई थी। करीब 55 से 60 पदाधिकारी ने नॉमिनेशन कराया था। समीक्षा के लिए दूसरे जिलों से आए पदाधिकारियों ने भी स्थानीय स्तर पर फीडबैक लिया था। अंतिम चरण में चार से पांच नाम प्रमुख रूप से चर्चा में बताए जा रहे थे।
हालांकि, सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए पार्टी ने एक बार फिर उदयगिरि गोस्वामी पर भरोसा जताया। उनके नाम की घोषणा होते ही दावेदारों के अरमानों पर पानी फिर गया। कुछ मंडलाध्यक्षों और पदाधिकारियों ने संगठन के व्हाट्सएप ग्रुप में अपनी नाराजगी भी जाहिर की। सूत्रों के अनुसार, कुछ पदाधिकारी पार्टी छोड़ने तक की बात कह रहे हैं, जिससे संगठन के सामने गुटबाजी की चुनौती खड़ी हो सकती है।
अब उदयगिरि गोस्वामी के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन के भीतर असंतोष को साधने की होगी। जिन नेताओं को जिलाध्यक्ष बनने का भरोसा दिया गया था, उनकी नाराजगी को दूर करना और सभी वर्गों को साथ लेकर चलना किसी चुनौती से कम नहीं है। फिलहाल, उदयगिरि गोस्वामी के समर्थकों में उत्साह का माहौल है। भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष शुभम चौधरी ने उदयगिरि गोस्वामी के जिलाध्यक्ष बनने की पुष्टि की है।