गजरौला के गांव कबीरपुर निवासी फरमान और शादाब मजदूरी करते थे। दोनों पास के ही गांव कासमाबाद निवासी ठेकेदार के अधीन सड़क निर्माण कार्य में मजदूरी करने के लिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर गए थे। रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे दोनों बारिश होने के कारण कंटेनर में गैस सिलिंडर रखकर खाना बनाने लगे। उनके साथ मुरादाबाद निवासी युवक भी था।
बताया जा रहा है कि गैस लीक होने के कारण सिलिंडर में आग लग गई और तेज धमाके के साथ सिलिंडर फट गया। जिससे कंटेरन में भी आ लग गई। फरमान व शादाब कंटेनर में ही फंसे रहे गए। जबकि, मुरादाबाद निवासी युवक बाहर निकल गया। कुछ ही देर में कंटेनर धू-धूकर जलने लगा। आसपास के लोगों के फोन करने पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। लेकिन, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। साथ में काम करने वाले युवकों ने दोनों के परिजनों को घटना की जानकारी दी। जिसे सुनकर परिवार में कोहराम मच गया। रात में ही दोनों के परिजन रायपुर रवाना हो गए। ग्रामीण सदाकत ने बताया कि दाेनों के शव मंगलवार दोपहर बाद तक गांव में आएंगे।
दोनों परिवाराें पर टूटा दुखों का पहाड़
फरमान व शादाब की मौत से गांव में गम का माहौल है। दोनों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक फरमान के पिता राज मिस्त्री महफूज अली ने बताया कि उनके एक बेटे जाने आलम की चार साल पहले करंट से मौत हो गई। वह गांव में ही बिजली की चपेट में आ गया था।
भूरी के कंधों पर आई परिवार की जिम्मेदारी
कबीरपुर निवासी शादाब के पिता शाहिद बीमार रहते थे। तीन साल पहले उनकी बीमारी के चलते मौत हो गई। पिता की मौत के बाद शादाब पर अपने चारों भाइयों, तीनों बहनों और मां भूरी के पालन पोषण की जिम्मेदारी थी। रविवार को उसकी मौत से परिवार पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा। घर में कोई कमाने वाला नहीं है। चार बेटों और तीन बेटियों के पालन पोषण का जिम्मा भूरी के कंधों पर आ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि शादाब अपनी बहन की शादी करने के लिए लड़का तलाश कर रहा था।