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Amroha News: नशीला बिस्किट खिलाकर ट्रक लूटने वाले दो बदमाशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा

Fri, 15 May 2026 02:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। सोलह साल पहले नेशनल हाईवे पर ट्रक चालक को नशीला बिस्किट खिलाकर ट्रक लूटने के चर्चित मामले में अदालत ने बुलंदशहर के दो दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं साक्ष्यों के अभाव में एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया, जबकि एक आरोपी की मौत हो चुकी है और चार फरार आरोपियों की पत्रावली अलग चल रही है।
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यह सनसनीखेज वारदात 12 मई 2010 को गजरौला थानाक्षेत्र में नेशनल हाईवे पर हुई थी। बागपत जनपद के थाना रूमाला क्षेत्र के गांव असारा निवासी वाजिद ट्रक चालक हैं। घटना वाले दिन वह काशीपुर की सिद्धार्थ पेपर मिल से पेपर लादकर मुंबई जा रहे थे। रास्ते में ठाकुरद्वारा के पास दो युवक सवारी बनकर ट्रक में बैठ गए। रात को करीब 12 बजे जब ट्रक गजरौला क्षेत्र में पहुंचा तो वह दोनों उतर गए और उनकी जगह एक महिला समेत चार अन्य लोग सवारी बनकर ट्रक में सवार हो गए। कुछ देर बाद बदमाशों ने चालक वाजिद को नशीला बिस्किट खिला दिया। बिस्किट खाते ही वाजिद बेहोश हो गए। इसके बाद बदमाश ट्रक को अपने कब्जे में लेकर फरार हो गए और बेहोश चालक को हापुड़ बाईपास के पास फेंक दिया। लूटा गया ट्रक मुजफ्फरनगर जनपद के पुरबालियान निवासी अमली खां का बताया गया था। होश में आने के बाद वाजिद शिकायत पर गजरौला थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। घटना के करीब पांच दिन बाद बुलंदशहर पुलिस ने ट्रक लूट गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया। इसके बाद गजरौला पुलिस ने इलियास, उसकी पत्नी नगमा, इरफान, आजाद उर्फ शरद, राहुल, अफरोज, महाराज, अलीम उर्फ अली मोहम्मद और लेखराज को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया था, हालांकि बाद में सभी जमानत पर बाहर आ गए। मुकदमे के दौरान आरोपी इलियास, नगमा, अलीम और इरफान फरार हो गए, जबकि आरोपी महाराज की मृत्यु हो गई और राहुल की पत्रावली अलग कर दी गई थी। इस मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने पैरवी की। बृहस्पतिवार को अदालत ने अंतिम सुनवाई के बाद बुलंदशहर के खुर्जा थानाक्षेत्र के मोहल्ला खीरखाना निवासी आरोपी अफरोज और मोहल्ला टूटा दरबाजा निवासी आजाद उर्फ शरद को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी लेखराज को बरी कर दिया। अफरोज मूल रूप से दिल्ली के मुस्तफाबाद मस्जिद वाली गली गोकलपुर का निवासी है।
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