गजरौला। उत्सव भवन की भूमि पर कब्जा कर लिए जाने और तिगरी के कुछ ग्रामीणों के विरोध के विरोध पर विधि विधान से पूजन नहीं हो सका। भूमि पर कब्जे का आरोप एक जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार और गांव के कुछ लोगों पर है। कब्जा हट जाने पर ही उत्सव भवन के लिए पूजन किया जाएगा।
मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा के प्रयास से तिगरी में उत्सव भवन को मंजूरी मिली। जिसके लिए कांकाठेर मार्ग पर श्मशान घाट के सामने सड़क से बाईं तरफ भूमि चिन्हित की गई। लोगों को अपने धार्मिक और सामाजिक आयोजन करने में सहूलियत मिल सकेे, इसके लिए ही तिगरी में बनाए जाने की मंशा है। धनराशि मिल जाने पर उत्सव भवन बनाए जाने के लिए कार्यदायी संस्था को नामित कर दिया गया। उत्सव भवन के पूजन के लिए तिगरी निवासी पुरोहित पंडित गंगा शरण शर्मा से शुभ मुहूर्त छांटने को कहा। उन्होंने बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे पूजन के लिए अच्छा दिन और समय
बताया। जिस पर पूजन की तैयारियां की जाने लगीं। इसमें आने और पूजन में शामिल होने के लिए अतिथियों को भी निमंत्रण भेज दिया गया। मगर बुधवार रात उत्सव भवन के लिए चिन्हित भूमि पर कुछ ग्रामीणों ने कब्जा कर लिया। उनका कहना है कि उनके कब्जे की भूमि को खाली कराया जा रहा है तोे उस सरकारी कर्मचारी से भी खाली कराओ, जिसने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। सरकारी कर्मचारी एक जनप्रतिनिधि का रिश्तेदार बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उसकी भूमि दूसरी जगह पर है, लेकिन उसने राजस्व विभाग के कर्मचारियों से साठगांठ कर अच्छे मौके पर नाप करा ली है। इसी के बराबर में उत्सव भवन की भूमि चिन्हित है। फिलहाल उत्सव भवन की भूमि पर कब्जे के कारण बृहस्पतिवार को पूजन नहीं हो सका। मंडी धनौरा एसडीएम ने बताया कि वह बाहर हैं, लेकिन यह जानकारी मिली है कि जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है।