अमरोहा। घर में घुसकर छेड़खानी और फिर बलवा करने के मामले में न्यायालय ने सगे भाइयों सहित चार को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने चारों पर तीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। चारों आरोपी जमानत पर बाहर थे, सभी को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है।
यह घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है। यहां पर रहने वाले दो परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। 27 अक्तूबर 2018 को विनेश गुर्जर अपने भाई रामपाल सिंह, जोगेंद्र और पड़ोसी गांव गंगाचोली निवासी परिचित चतरू खड़गवंशी के साथ दूसरे परिवार के घर में घुस गए थे। लाठी-डंडों से पिटाई कर पिता को लहूलुहान कर दिया था। बचाने आई बेटी के साथ छेड़खानी और मारपीट की। हमलावर पिता को मरणासन्न हालत में छोड़ कर भाग गए थे। परिजनों ने घायल को मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया था।
बेटी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बलवा, छेड़खानी सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया था। बाद में सभी आरोपी जमानत पर छूटकर जेल से बाहर आ गए थे। अब यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में चल रहा था। मंगलवार को न्यायालय ने मामले में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र गर्ग ने पैरवी की और आरोपियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने चोरों आरोपियों को दोषी करार दिया। चारों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।