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UP: 17 साल पहले डाली डकैती, मकान मालिक को मार डाला, दो भाइयों को सुनाई उम्रकैद की सजा.. जानें पूरी कहानी

Fri, 14 Nov 2025 02:38 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा

सार

गजरौला की एमडीए कॉलोनी में 2008 में प्रोडक्शन मैनेजर रामवीर सिंह की हत्या और डकैती केस में दो सगे भाई नजाकत और शहजाद को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस वारदात में रामवीर सिंह की हत्या, पत्नी और बेटों को घायल किया गया था। गिरोह के दो बदमाश पहले मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। 
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अमरोहा की कोर्ट में सुनवाई - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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अमरोहा में करीब 17 साल पहले गजरौला की एमडीए कॉलोनी में डकैती के दौरान गृहस्वामी की गोली मारकर हत्या करने में दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वारदात के दौरान बदमाशों ने मृतक की पत्नी व दो बेटों को भी गोली मारकर घायल कर दिया था।

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सोने-चांदी के गहने और 50 हजार कैश लूट ले गए थे। इस दुस्साहसिक घटना में शामिल दो वांछितों को रुड़की पुुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। पूर्व में गिरफ्त में आए एक बदमाश को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। 

डकैतों के निशाने पर आया था गजरौला की नामचीन फैक्टरी जुबिलेंट के प्रोडक्शन मैनेजर रामवीर सिंह का परिवार, जो मूल रूप से हाथरस के रहने वाले थे। गजरौला में एमडीए कॉलोनी स्थित उनके आवास पर 11 सितंबर 2008 की भोर में हथियारबंद छह बदमाशों ने धावा बोला था।
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उस वक्त रामवीर सिंह ड्राइंग रूम में सो रहे थे। उनकी पत्नी, दो बेटे व बेटी दूसरे कमरे में थे। एकाएक जागे रामवीर सिंह ने बदमाशों को लूटपाट से रोका तो उनके चेहरे पर गोली मार दी गई। वह बेड से नीचे गिरे और उनकी सांसें थम गईं। इस बीच कमरे में पहुंचे उनके बेटों और पत्नी पर भी गोली चला दी।

वह भी जख्मी हो गए। इसके बाद डकैत अलमारी में रखें 50 हजार रुपये और सोने-चांदी के गहने लूटकर भाग गए। भागते समय परिवार के सदस्यों के चार मोबाइल फोन भी छीन ले गए। केस दर्ज करने के बाद सर्विलांस की मदद से पुलिस इस मामले में वांछित मुजफ्फरनगर के भोपा थानाक्षेत्र के नया गांव निवासी अंजुम को गिरफ्तार करने में कामयाब हो गई थी।

17 मार्च 2015 को तत्कालीन अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में दोष साबित होने पर अंजुम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वहीं, डकैती में शामिल दो आरोपियों मुजफ्फरनगर के कादिर और भूरा को रुड़की पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।

इसके बाद पुलिस मुजफ्फरनगर के ककरौली थानाक्षेत्र के कम्हेड़ा गांव निवासी सगे भाई नजाकत व शहजाद और शामली के झिंझाना थानाक्षेत्र के मुशर्रफ उर्फ गुलजार तक पहुंच गई थी। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीय की अदालत में नजाकत व शहजाद को आरोप साबित होने पर उम्रकैद की सजा सुनाई गई। दोनों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।

कस्टडी से भागा मुशर्रफ, आज तक नहीं चढ़ा हत्थे
नजाकत और शहजाद के साथ पुलिस ने मुशर्रफ उर्फ गुलजार को भी गिरफ्तार कर लिया था। कुछ समय बाद वह पुलिस को गच्चा देकर ऐसा भागा कि उसका आज तक कोई पता नहीं चला है। एडीजीसी अमित कुमार वशिष्ठ ने बताया कि कस्टडी से भागे मुशर्रफ की कोर्ट में सुनवाई की फाइल अलग कर दी गई है।

दरवाजा तोड़कर घुसे थे घर में
वारदात के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस को बताया था कि डकैती के इरादे से धावा बोलने वाले छह बदमाश दरवाजा तोड़कर घर में घुसे थे। रामवीर सिंह की हत्या करने के बाद परिवार का हर सदस्य दहशत में आ गया और डकैत लूटपाट करते रहे।
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तमंचा ताने रहा था एक बदमाश
गजरौला की एमडीए कॉलोनी में डकैती के दौरान एक बदमाश रामवीर सिंह की पत्नी व बच्चों पर तमंचा ताने रहा था। उसकी धमकी थी कि कोई चीखा तो जान ले लेंगे। हिलने-डुलने पर रामवीर सिंह की पत्नी व बेटों को गोली मारकर घायल कर दिया था। 

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