चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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अपहरण कर गैंगरेप के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने दो दोषियों को उम्रकैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अपहरण के इसी मसले में तीन दोषियों को तीन-तीन साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
कस्बा नौगावां सादात क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने 17 जुलाई 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी बेटी को गांव के ही कपिल कुमार, नितिन कुमार पुत्रगण मदनपाल व मदनपाल पुत्र सरजीत, मुन्ने पुत्र हरि सिंह व विपिन पुत्र रामप्रसाद निवासी गांव कलामपुर बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गए थे।
एक कमरे में बंधक बनाकर कपिल व विपिन ने उसके साथ गैंगरेप किया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया था। इनमें विपिन की जमानत अभी तक नहीं हो पाई थी, जबकि अन्य मुल्जिम जमानत पर जेल से बाहर थे।
शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम बीडी भारती ने केस की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता निशात अकरम फारूकी ने मामले से जुड़े तमाम साक्ष्य पेश किए और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की। इसके बाद न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया।
अन्य तमाम बिंदुओं पर भी गहनता से गौर फरमाई। पांचों आरोपियों को घटना का दोषी माना। इसमें 363 व 366 धारा में न्यायाधीश ने पांचों दोषियों को तीन-तीन साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना तथा गैंगरेप में कपिल व विपिन को उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद पुलिस ने सभी दोषियों को कस्टडी में लेते हुए मुरादाबाद जेल भेज दिया है।