डिडौली कोतवाली पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की माने तो गिरोह अब तक लगभग 50 लोगों से 30 लाख रुपये की ठगी कर चुका है।
आरोपी ग्रामीणों को बरगला कर पहले लोन की रकम की 10 फीसदी खाते में डलवा लेते थे। इसके बाद रंग उड़ने वाली स्याही का प्रयोग कर खाते से रकम निकाल लेते थे। पुलिस को पूछताछ में अभी कई और राज खुलने की संभावना नजर रही है।
डिडौली कोतवाली के नौरंगी निवासी विक्रांतशु पुत्र सोमपाल ने कोतवाली में शिकायत की थी कि उसे किसी कार्य के लिए लोन की आवश्यकता थी। अखबार से साथ मिले पंफलेट के आधार पर उसने इंडियन फाइनेंस कारपोरेशन नाम के कंपनी से लोन के लिए संपर्क किया था। 10 मई को कंपनी के दो लोग उससे मिले और 10 फीसदी पर तीन लाख रुपये लोन दिलवाने का वादा किया।
इसके लिए उन्होंने 30 हजार विक्रांतशु को अपने खाते में डालने को कही। आरोपियों ने विक्रांतशु से एक चेक लिया। सेल्फ गारंटी नाम से लिए गए चेक पर रुपये वाले स्थान को लाल पेन से काट दिया गया था। विक्रांतशु के साइन करा लिए। कहा कि लोन क्लियर होने के बाद उसकी दस फीसदी राशि आपके खाते से कट जाएगी। इसके बाद आरोपी चले गए।
12 मई को ही विक्रांतशु के खाते से 30 हजार रुपये कट गए। इसे संभल की बैंक शाखा से भुनाया गया था। खाते से रकम कटने के बाद उसे ठगी का अहसास हुए और उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी। बताया कि आरोपी फोन भी नहीं उठा रहे हैं।
इसके बाद पुलिस ने कंपनी नंबर पर लोन के लिए संपर्क साधा और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसके बाद आरोपियों को अमरोहा रोडवेज से धर दबोचा गया। पकड़े गए आरोपियों पिंटू पाल पुत्र मदन पाल निवासी गोपालजोत थाना नहटौर जिला बिजनौर और नीरज पुत्र अशोक कुमार निवासी बुद्धि विहार, थाना मझोला, मुरादाबाद ने पूछताछ में बताया कि अभी तक लोन दिलाने के नाम पर वो लगभग 50 लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं।
आरोपियों ने उनसे से लगभग 30 लाख रुपये की ठगी की है। पुलिस अभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आरोपियों से अभी कई और राज सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस कहना है कि मामले की जानकारी की जा रही है। हो सकता है जहां से चेक भुनाया जा रहा था, बैंक का भी कोई कर्मचारी इनसे मिला हुआ हो।